लखीसराय अशोक धाम हादसा: 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत के बाद हरकत में आया न्यास परिषद, जांच के लिए पहुंची 3 सदस्यीय टीम

Updated:
विज्ञापन

अशोक धाम

बिहार के लखीसराय स्थित अशोक धाम मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी को हुई दर्दनाक भगदड़ की विस्तृत जांच रिपोर्ट सामने आई है. तीन सदस्यीय टीम ने घटनास्थल का दौरा कर कई लोगों से पूछताछ की. जानिए इस हादसे के पीछे की मुख्य वजह क्या थी.

विज्ञापन

लखीसराय. श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर अशोक धाम में सावन की तीसरी सोमवारी को हुई भगदड़ की विस्तृत जांच बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद की तीन सदस्यीय टीम ने की. हादसे में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हुई थी, जबकि दो दर्जन से अधिक श्रद्धालु घायल हुए थे. जांच टीम ने घटनास्थल का दौरा करने के साथ स्थानीय निवासियों, दुकानदारों, मंदिर प्रबंधन समिति और प्रशासनिक अधिकारियों से घटना के संबंध में जानकारी ली.

अफवाह के कारण बिगड़े हालात

जांच समिति के सदस्यों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में अफवाह को भगदड़ का मुख्य कारण पाया गया. अफवाह फैलते ही मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं में अचानक भय की स्थिति उत्पन्न हो गई और लोग सुरक्षित निकलने के लिए इधर-उधर भागने लगे. इसी दौरान भीड़ अनियंत्रित हुई और भगदड़ की स्थिति बन गई.

प्रशासन और मंदिर समिति की लापरवाही नहीं मिली

जांच समिति के अनुसार हादसे में प्रशासनिक स्तर पर किसी तरह की लापरवाही सामने नहीं आई है. मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से भी कोई गंभीर चूक दर्ज नहीं की गई. समिति के अनुसार प्रशासनिक अधिकारियों ने घटना के बाद तत्परता दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया. जांच टीम ने कहा कि समय रहते स्थिति पर काबू नहीं पाया जाता तो हताहतों की संख्या और अधिक हो सकती थी.

चौथी सोमवारी पर बढ़ाई जाएगी सुरक्षा

आगामी चौथी सोमवारी को लेकर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने की तैयारी है. श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए बैरिकेडिंग बढ़ाई जाएगी. भीड़ के आवागमन को व्यवस्थित करने के साथ सुरक्षा बलों की तैनाती और निगरानी भी बढ़ाने की तैयारी की जा रही है.

राज्य सरकार मामले को लेकर गंभीर

जांच समिति ने कहा कि राज्य सरकार अशोक धाम की घटना को गंभीरता से ले रही है. अशोक धाम बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए यहां आने वाले भक्तों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है. भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जायेगी.

जांच के दौरान अधिकारी और ट्रस्ट पदाधिकारी रहे मौजूद

जांच के दौरान एसडीओ प्रभाकर कुमार, एसडीपीओ शिवम कुमार, पूर्व विधायक प्रेमरंजन पटेल, मंदिर ट्रस्ट के सचिव डॉ. कुमार अमित, राजेंद्र सिंघानिया, डॉ. प्रवीण कुमार सिन्हा, प्रो. मनोरंजन कुमार सहित अन्य अधिकारी और ट्रस्ट से जुड़े लोग मौजूद रहे.


विज्ञापन
राजेश कुमार

लेखक के बारे में

By राजेश कुमार

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन