खरीफ में लत्तर वाली सब्जियों की खेती के विधि की दी जानकारी
Updated at : 03 Jun 2025 7:28 PM (IST)
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खंड के पांच जगहाके पर मंगलवार को विकसित कृषि संकल्प अभियान अंतर्गत कृषक गोष्ठी का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र हलसी द्वारा किया गया
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चानन प्रखंड में पांच जगहों पर कृषक गोष्ठी का आयोजन
चानन.
प्रखंड के पांच जगहाके पर मंगलवार को विकसित कृषि संकल्प अभियान अंतर्गत कृषक गोष्ठी का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र हलसी द्वारा किया गया. इसमें वैज्ञानिकों की दो टीमों द्वारा किसानों को खरीफ के मौसम में लत्तर वाली सब्जी की खेती सहित अन्य खेती के तरीकों की जानकारी दी गयी. कृषि विज्ञान केंद्र हलसी के सीनियर वैज्ञानिक डॉ सुधीर चंद्र चौधरी व डॉक्टर सुनील कुमार की टीम द्वारा भलुई एवं महेशपुर कृषि गोष्ठी का आयोजन किया गया. जबकि कृषि वैज्ञानिक डॉ विनोद कुमार व डॉ रेनू की टीम द्वारा कुंदर गोपालपुर एवं मननपुर में कृषि गोष्ठी का आयोजन किया गया. कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि इस अभियान के तहत लखीसराय जिला में 90 गांव में कृषि गोष्ठी का आयोजन होना है. उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख खरीफ फसलों के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकियों के बारे में किसानों को शिक्षित करना, लाभकारी सरकारी योजनाओं और नीतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाना, फसल चयन और संतुलित उर्वरक अनुप्रयोग के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड के उपयोग के बारे में किसानों का मार्गदर्शन करना तथा किसान-नेतृत्व वाले नवाचारों को समझने के लिए फीडबैक एकत्र करना और तदनुसार अनुसंधान दिशाओं को संचालित करना है. साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फार्मर रजिस्ट्री और फसल बीमा योजना के लाभार्थियों के पंजीकरण व सहायता पर विशेष जोर दिया गया. यह अभियान विकसित कृषि के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने और विकसित भारत के व्यापक दृष्टिकोण को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा. जो भूमिहीन किसान हैं, वे मशरूम की खेती कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि न्यूट्री गार्डेन की स्थापना कर वर्ष भर सब्जी एवं फलों को उत्पादित किया जा सकता हैं. कृषकों को नये बाग की स्थापना, आम के फलों की तुड़ाई के बाद प्रबंधन एवं फलों में लगने वाले मुख्य कीट व बीमारियों के बारे में विस्तार से बताया गया. बिहार सरकार द्वारा संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी. प्राकृतिक खेती के फायदे एवं उसके दुष्प्रभाव के बारे में बताया तथा मिट्टी जांच एवं स्वास्थ्य सुधार के बारे मे कृषकों को बताया. खरीफ की फसलों के बेहतर उत्पादन के लिए उन्नत बीजों के उपयोग, बीज शोधन, सहफसली खेती के संरक्षा और सुरक्षा के उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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By Rajeev Murarai Sinha Sinha
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