अश्लील और जातिसूचक गानों पर प्रशासन सख्त, बजाने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई

Author Pintu Pranav|Edited by System
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प्रतीकात्मक तस्वीर

Ban on Obscene Songs: लखीसराय जिले में सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील, द्विअर्थी और जातिसूचक गीतों के प्रसारण को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग के निर्देश पर जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.

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लखीसराय से राजीव मुरारी सिन्हा की रिपोर्ट

Ban on Obscene Songs: शादी-ब्याह, जुलूस, सांस्कृतिक कार्यक्रम या बाजारों में तेज आवाज में बजने वाले अश्लील और जातिसूचक गानों पर अब प्रशासन की पैनी नजर रहेगी. बिहार सरकार के निर्देश के बाद लखीसराय जिला प्रशासन ने ऐसे गीतों के प्रसारण के खिलाफ सख्त अभियान शुरू करने का फैसला लिया है. डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि महिलाओं, बच्चों या किसी जाति विशेष को अपमानित करने वाले गाने बजाने पर आयोजकों और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रहेगी विशेष निगरानी

जिलाधिकारी ने कहा है कि विवाह समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जुलूस, बाजार, सार्वजनिक आयोजन और वाहनों में बजाए जाने वाले गीतों की निगरानी की जाएगी. प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी कार्यक्रम में अश्लीलता फैलाने या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले गीतों का प्रसारण न हो.

महिलाओं और बच्चों के सम्मान से समझौता नहीं

प्रशासन के अनुसार ऐसे गीत जिनमें महिलाओं और बच्चों के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया जाता है या द्विअर्थी एवं अभद्र भाषा का इस्तेमाल होता है, वे सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ हैं. ऐसे गीतों का समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, विशेषकर युवाओं और बच्चों पर.

जातिसूचक गीतों पर भी पूरी तरह रोक

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी जाति विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले गीतों को भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ऐसे गीत सामाजिक समरसता को प्रभावित करते हैं और समाज में वैमनस्य फैलाने का कारण बन सकते हैं.

उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई

डीएम ने कहा कि निर्देशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों, डीजे संचालकों और कार्यक्रम आयोजकों के खिलाफ विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी. संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.

सांस्कृतिक मूल्यों को बचाने की पहल

जिला प्रशासन का मानना है कि बिहार की समृद्ध लोक संस्कृति और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए स्वस्थ सांस्कृतिक वातावरण आवश्यक है. अश्लील और जातिसूचक गीतों पर रोक इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

लोगों से सहयोग की अपील

प्रशासन ने जिलेवासियों, सामाजिक संगठनों, डीजे संचालकों और आयोजनकर्ताओं से अपील की है कि वे सामाजिक सौहार्द और सार्वजनिक शिष्टाचार बनाए रखने में सहयोग करें तथा अश्लील और जातिसूचक गीतों के प्रयोग से परहेज करें.

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पिंटू प्रणव

लेखक के बारे में

By पिंटू प्रणव

प्रभात खबर में कंटेंट राइटर, जिन्हें डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 5 साल से ज़्यादा का अनुभव है. न्यूज़ राइटिंग, कंटेंट क्रिएशन, कॉपी एडिटिंग, हेडलाइन राइटिंग और फ़ैक्ट-चेकिंग में अनुभवी. कृषि, वन और पर्यावरण, शिक्षा, राजनीति, टेलीकम्युनिकेशन, धर्म और आध्यात्मिक मामले, सामाजिक मुद्दे, NGO और संस्थान, सरकारी कामकाज और समसामयिक मामलों जैसे कई विषयों पर काम किया है. संपादकीय मानकों और न्यूज़रूम की कार्यक्षमता को बनाए रखते हुए सटीक, प्रभावशाली और पाठकों पर केंद्रित पत्रकारिता करने के लिए प्रतिबद्ध है.

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