शहीद द्वार पर एक्टू भाकपा-माले का प्रदर्शन

Updated at : 01 Apr 2026 11:24 PM (IST)
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शहीद द्वार पर एक्टू भाकपा-माले का प्रदर्शन

शहीद द्वार पर एक्टू भाकपा-माले का प्रदर्शन

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ट्रेड यूनियनों ने नए श्रम कानूनों को बताया मजदूरों की गुलामी, कॉरपोरेट मुनाफे के लिए कानून थोपने का लगाया आरोप

लखीसराय. चार लेबर कोड के क्रियान्वयन के लिए बुधवार एक अप्रैल से मोदी सरकार द्वारा पूरे देश में लागू किए जा रहे नियमावली के खिलाफ इसे रद्द करने की मांग पर एक्टू सहित देश के 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के देशव्यापी आह्वान पर शहर के शहीद द्वार पर प्रदर्शन किया गया. इस दौरान मजदूरों को कॉर्पोरेट्स का गुलाम बनाने वाला चार लेबर कोड रद्द करने व मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पंजाबी मुहल्ला स्थित संघ भवन से प्रदर्शन निकाला गया, जो शहीद द्वार तक पहुंचा. प्रदर्शन का नेतृत्व एक्टू की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज चौबे, शिक्षक नेता सत्यार्थी, बिहार राज्य विद्यालय रसोइया संघ की अध्यक्ष ऊषा देवी, सचिव शिवनंदन पंडित, खेग्रामस नेता बिंदेश्वरी मांझी व सफाई मजदूर नेता चंदन आदि कर रहे थे. शहीद द्वार पर आयोजित सभा की अध्यक्षता शिवनंदन पंडित ने की. मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सरोज चौबे ने मोदी सरकार पर आपदा में अवसर का इस्तेमाल कर कॉर्पोरेट कंपनियों के चरम मुनाफे को सुनिश्चित करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि एक ओर देश के मजदूर और गरीब रसोई गैस के अभाव में भोजन जुटाने में अक्षम हैं, वहीं सरकार अडानी-अंबानी जैसे कॉर्पोरेट घरानों के लिए 80 करोड़ असंगठित मजदूरों पर चार लेबर कोड थोप रही है. इन कानूनों के जरिए मजदूरों के कानूनी अधिकार छीनकर उन्हें गुलामी की ओर ढकेला जा रहा है. नेताओं ने कहा कि नए नियमों के तहत मजदूरों से यूनियन बनाने और हड़ताल करने का अधिकार छीना जा रहा है. साथ ही, काम के घंटे आठ से बढ़ाकर 12 करने, स्थायी रोजगार की जगह फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट लाने व श्रम न्यायालयों को खत्म करने जैसी साजिशें शामिल हैं. स्कीम वर्करों को मजदूर की श्रेणी से बाहर करने का भी विरोध किया गया. एक्टू नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक ये चार लेबर कोड रद्द नहीं किए जाते, तब तक ट्रेड यूनियनों का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.

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Rajeev Murarai Sinha Sinha

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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