बिजली नहीं रहने से गेरुआ पुरसंडा में सहयोग शिविर प्रभावित, ऑनलाइन एंट्री पूरी तरह ठप

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शिविर में आवेदन को ऑनलाइन करने की कोशिश करते कर्मी

शिविर में आवेदन को ऑनलाइन करने की कोशिश करते कर्मी

लखीसराय जिले के हलसी प्रखंड में आयोजित सहयोग शिविर बिजली संकट की भेंट चढ़ गया. बिजली आपूर्ति बाधित होने से कंप्यूटर संचालित नहीं हो सके, जिससे आवेदनों की ऑनलाइन एंट्री नहीं हो पाई. नतीजतन, लोगों को बिना समाधान के लौटना पड़ा.

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हलसी (लखीसराय) से केशव कुमार की रिपोर्ट

Cooperation Camp: लखीसराय जिले के हलसी प्रखंड अंतर्गत गेरुआ पुरसंडा पंचायत सरकार भवन में बुधवार को आयोजित सहयोग शिविर बिजली संकट की भेंट चढ़ गया. बिजली आपूर्ति बंद रहने के कारण कंप्यूटर संचालित नहीं हो सके, जिससे आवेदनों की ऑनलाइन एंट्री नहीं हो पाई. नतीजतन शिविर में पहुंचे लोगों को घंटों इंतजार के बाद बिना समाधान के वापस लौटना पड़ा.

बिजली नहीं रहने से कंप्यूटर रहे बंद

शिविर में विभिन्न योजनाओं से संबंधित आवेदन लेने के लिए काउंटर लगाए गए थे, लेकिन बिजली नहीं होने के कारण कंप्यूटर चालू नहीं हो सके. डाटा ऑपरेटर रूपेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों के आवेदन तो स्वीकार किए गए, लेकिन ऑनलाइन एंट्री नहीं हो सकी. उन्होंने बताया कि पंचायत सरकार भवन तक बिजली की लाइन और मीटर उपलब्ध है, लेकिन रिचार्ज नहीं होने के कारण बिजली आपूर्ति बंद है.

कई विभागों के कर्मचारी नहीं पहुंचे

शिविर के दौरान पंचायत सरकार भवन में केवल डाटा ऑपरेटर और कचहरी सचिव रिंकी कुमारी मौजूद थीं. अन्य विभागों के अधिकांश कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे लोगों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया और प्रभावित हुई.

बिजली बिल भुगतान नहीं होने से बढ़ी परेशानी

मुखिया लक्ष्मण यादव ने बताया कि पंचायत सरकार भवन का बिजली बिल अधिक आने की शिकायत विद्युत विभाग से की गई है. वहीं पंचायत सचिव सुधीर यादव के सेवानिवृत्त होने के बाद भुगतान समेत कई प्रशासनिक कार्य लंबित हैं, जिसके कारण बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी.

नये सचिव की तैनाती के बाद होगा समाधान

Cooperation Camp: पंचायती राज पदाधिकारी ब्रजेश कुमार ने बताया कि नए पंचायत सचिव की प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है. पदस्थापन होने के बाद लंबित बिजली बिल का भुगतान कराया जाएगा, जिससे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकेगी और सहयोग शिविर सहित अन्य प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से संचालित किए जा सकेंगे.ग्रामीणों ने मांग की है कि भविष्य में सहयोग शिविर आयोजित करने से पहले बिजली, इंटरनेट और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े.

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