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आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र से कला क्षेत्र को मिलेगा नया आयाम

खेलकूद के साथ साथ गीत, नृत्य, संगीत से बच्चों का बौद्धिक, मानसिक एवं शारीरिक विकास होता है.

लखीसराय. खेलकूद के साथ साथ गीत, नृत्य, संगीत से बच्चों का बौद्धिक, मानसिक एवं शारीरिक विकास होता है. जिसे स्वीकार करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार भी लगातार नयी-नयी योजना इससे संबंधित लेकर आती रही है. ताजा तरीन मामले में राज्य भर के सभी जिला मुख्यालयों में आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र खोलकर एक ही जगह नृत्य एवं संगीत का प्रशिक्षण देने की योजना शामिल है. आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र से नृत्य एवं संगीत के क्षेत्र में लखीसराय जिला को भी एक नया आयाम मिलेगा. इस योजना में इस प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से नवोदित कलाकारों को योग्य शिक्षकों द्वारा एक ही जगह प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध हो जायेगी. स्थानीय नवोदित कलाकारों को आगे बढ़ाने के लिए जिले में आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र शीघ्र खुलेंगे. बिहार की गौरवशाली कला और संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन व विकास के लिए लखीसराय में भी आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र खोला जायेगा. आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से जिले के नवोदित व युवा कलाकारों को योग्य शिक्षकों द्वारा शास्त्रीय नृत्य, संगीत, वाद्य यंत्र व अन्य संबंधित विषयों का प्रशिक्षण दिया जायेगा ताकि भविष्य में भी सही सांस्कृतिक परंपरा में दक्ष कलाकार राज्य को मिलते रहें. जिले में आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र खोलने के लिए तीन हजार वर्ग फीट के मकान की आवश्यकता दर्शायी गयी है. जबकि लखीसराय में नया खेल भवन में इसे फिलहाल शिफ्ट किया जा सकता है.प्रत्येक प्रशिक्षण केंद्र के लिए चार शिक्षकों का नियोजन आउटसोर्सिंग के माध्यम से किया जायेगा. योजना का प्रारंभ वित्तीय वर्ष 2024-25 से किया जायेगा और वित्तीय वर्ष 2025-26 व 2026-27 तक कार्यान्वयन कराया जायेगा. समीक्षा के बाद इस योजना को आगे के वित्तीय वर्षों के लिए विस्तारित किया जायेगा. केंद्र खोलने के प्रस्ताव पर सात मार्च 2024 को हुई राज्यस्तरीय बैठक में लोक वित्त समिति द्वारा स्वीकृति के लिए अनुशंसा कर दी गयी है.

बिहार सरकार 38 जिलों में खोलेगी प्रशिक्षण केंद्र

बिहार सरकार का कला, संस्कृति एवं युवा विभाग यह प्रशिक्षण केंद्र राज्य के सभी 38 जिलों में खोलने जा रहा है. साथ ही जिला स्तर पर कला एवं संस्कृति विभाग का पदाधिकारी भी इसी उद्देश्य की पूर्ति को लेकर बहाल भी किया गया है. फिलहाल जिले में योगदान देने वाले ज़िला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी मृणाल रंजन जिला खेल पदाधिकारी के प्रभार में भी हैं. वर्तमान में जिले में विभिन्न कला के कई जानकार अपनी अपनी संस्था चला रहे हैं. कोई गायन, कोई वादन, तो कोई नृत्य की शिक्षा दे रहे हैं. नृत्य की शिक्षा देनेवाले भी अलग-अलग निजी स्तर पर प्रशिक्षण केंद्र चला रहे हैं, लेकिन सरकारी स्तर पर इसके लिए कोई ट्रेनिंग सेंटर उपलब्ध नहीं है.

बोले अधिकारी

जिला कला एवं संस्कृति सह खेल पदाधिकारी मृणाल रंजन ने बताया कि आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र खोलने की विभागीय सूचना है. जिला स्तर पर आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र खोलने के लिए कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है.

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