अधिवक्ता ने आरोपित को पकड़ा
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :25 Dec 2016 5:02 AM (IST)
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अपराध. फर्जी शपथ पत्र से नक्सली भाई को छुड़ाने की मंशा हाइकोर्ट के न्यायाधीश ने फर्जी शपथ पत्र की शाम्हो थानाध्यक्ष से करायी थी जांच लखीसराय : जिला के भीतर नक्सलियों द्वारा बड़ी घटना को अंजाम देने के मंसूबे फिलहाल टल गया. यह खुलासा शनिवार को थाना चौक पर अधिवक्ता राम विनय प्रसाद सिंह द्वारा […]
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अपराध. फर्जी शपथ पत्र से नक्सली भाई को छुड़ाने की मंशा
हाइकोर्ट के न्यायाधीश ने फर्जी शपथ पत्र की शाम्हो थानाध्यक्ष से करायी थी जांच
लखीसराय : जिला के भीतर नक्सलियों द्वारा बड़ी घटना को अंजाम देने के मंसूबे फिलहाल टल गया. यह खुलासा शनिवार को थाना चौक पर अधिवक्ता राम विनय प्रसाद सिंह द्वारा धर दबोचे गये मंडल कारा में बंद नक्सली अनिल राम के भाई रामकुमार ने किया. बेगूसराय जिला के शाम्हो कुरहा निवासी रामकुमार को उक्त अधिवक्ता ने फर्जी शपथ पत्र देने के कारण पहचान होने पर बातचीत करते हुए धर दबोचा. अधिवक्ता श्री सिंह के समक्ष रामकुमार ने जेल में बंद नक्सली भाई के कहने पर फर्जी शपथ पत्र देने की बात स्वीकारी. इसकी जानकारी देते हुए अधिवक्ता श्री सिंह ने बताया कि 20 दिसंबर 2016 को अनिल ने उच्च न्यायालय के समक्ष एक फर्जी शपथ पत्र पेश किया जिसमें उसने अपनी मां की मौत का जिक्र किया.
फर्जी शपथ पत्र में सही हस्ताक्षर की गवाही उच्च न्यायालय के अधिवक्ता राम विनय प्रसाद सिंह ने दी थी. फर्जी शपथ पत्र के साथ ही शोक संदेश वाले कार्ड की प्रस्तुति किये जाने पर माननीय न्यायाधीश ने इसके फर्जी होने की बात पकड़ ली. पटना हाईकोर्ट के सरकारी वकील के द्वारा मांगी गई सूचना के आलोक में थानाध्यक्ष शाम्हों ने सरकारी वकील को सूचित किया कि जेल में बंद कुख्यात कैदी अनिल राम की मां आज भी जिंदा है़ इस संबंध में उसे जेल से निकालने के लिए उसके बड़े भाई रामकुमार ने झूठा शपथ पत्र दिया था़ विदित हो कि वर्ष 2014 में कचहरी के समक्ष एक होटल संचालक बीरेंद्र सिंह की हत्या कर दी गयी थी. पुलिस ने जब हत्या में शामिल राम कुमार एवं उसके साथियों को गिरफ्तार किया तो उसके नक्सली गतिविधि में शामिल होने का पता चला. इसके बाद बीरेंद्र सिंह हत्याकांड के गवाह बने मृतक के भाई संजय सिंह की भी हत्या कर दी गयी थी. बाद में रामकुमार अधिवक्ता को चकमा देकर भागने में सफल रहा.
बोले अधिकारी
एसडीपीओ पंकज कुमार ने बताया कि इस संबंध में उनके पास कोई जानकारी नहीं है. ऐसी बात है तो जांच की जायेगी.
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