फसल चक्र अपनाएं किसान : डीएम

Published at :30 Nov 2016 6:18 AM (IST)
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फसल चक्र अपनाएं किसान : डीएम

आयोजन . सदर प्रखंड परिसर में लगा दो दिवसीय कृषि यांत्रिकीकरण मेला मौके पर जुटे किसानों को डीएम ने खेती के आवश्यक टिप्स दिये. इस दौरान उन्होंने किसानों को खेती में यंत्र के प्रयोग करने को लेकर जागरुक किया व इसे समय की जरुरत बताया. लखीसराय : सदर प्रखंड कार्यालय परिसर में मंगलवार से प्रारंभ […]

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आयोजन . सदर प्रखंड परिसर में लगा दो दिवसीय कृषि यांत्रिकीकरण मेला

मौके पर जुटे किसानों को डीएम ने खेती के आवश्यक टिप्स दिये. इस दौरान उन्होंने किसानों को खेती में यंत्र के प्रयोग करने को लेकर जागरुक किया व इसे समय की जरुरत बताया.
लखीसराय : सदर प्रखंड कार्यालय परिसर में मंगलवार से प्रारंभ दो दिवसीय कृषि यांत्रिकीकरण सह उपादान मेला का शुभारंभ जिलाधिकारी सुनील कुमार द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया. उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि खेतों की उर्वरा शक्ति को बरकरार रखने के लिए फसल चक्र का अनुपालन अति आवश्यक है. पारंपरिक धान, गेहूं की खेती के साथ कम समय में होने वाला मोटा अनाज की खेती भी जरूरी है. इन्होंने कृषि कार्य के लिए कृषि यंत्रों की महत्ता पर चर्चा करते हुए कहा कि जिले में 74 प्रतिशत लोग साक्षर हो चुके हैं. ऐसे में मजदूर का मिलना मुश्किल होता जा रहा है.
ऐसे में कृषि उपकरणों का प्रयोग कर ही फसल की जुताई, बुआई एवं कटाई का कार्य संभव है. इन्होंने किसानों से यंत्र खरीदने के पूर्व बाजार में कीमत की जानकारी लेने की बात कही और कहीं से यंत्र खरीदने पर सब्सिडी मिलने की बात कही. लेकिन बाजार के उस दुकान का विभागीय निबंधन होना जरूरी है. खेत की रकबा निश्चित रहने से एक फसली के जगह तीन फसली खेती को ही अपनाये जाने की आवश्यकता बताया है. डीएम श्री कुमार ने कहा कि पूर्व में खेती को मॉनसून के साथ जुआ बताया जाता था. जो आज फसल बीमा लागू होने से समाप्त हो गया है. इन दिनों खेत परती रहने से लेकर अनाज के गोदाम पहुंचने के पूर्व तक प्राकृतिक आपदा से क्षति होने पर फसल बीमा का लाभ दिये जाने की जानकारी किसानों को दिया. जिले के कुल 85 हजार किसानों में से मात्र 31 हजार किसानों के द्वारा फसल बीमा कराये जाने को दुखद
स्थिति बताया है. फसल आपदा को लेकर अब तक किसानों के बीच 14 करोड़ रुपये का वितरण किया जा चुका है. इन्होंने किसानों के लिए चलाये जा रहे योजना की जानकारी देते हुए कहा कि लखीसराय जिला का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत चयन किया गया है. बीजोपचार के संबंध में बताया कि किसानों को इसका लाभ लेना चाहिए. इससे फसल नुकसान से बचाव भी होता है. भू-गर्भीय जल की व्यर्थ बहाव को रोकने की भी जरूरत बताया है.
मेला को जिला कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार ने भी संबोधित किया.
कृषि यांत्रिकीकरण सह उपादान मेला में कृषि यंत्रों से संबंधित कुल 22 स्टॉल लगाये गये हैं. जिसमें खेती में महिलाओं की भागीदारी को भी प्रमुखता से जानकारी दी जा रही है. यंत्रों की खरीदारी में आईएसआई मार्का का ध्यान रखने को कहा है. इस कृषि मेला को डीएओ समेत कृषि वैज्ञानिक ने भी संबोधित किया.
कार्यक्रम का उद्घाटन करते डीएम समेत अन्य अधिकारी.
हर हाल में मिलेगी सिंचाई सुविधा
कृषि यांत्रिकीकरण सह उपादान मेला में किसानों से रू-ब-रू हो रहे डीएम सुनील कुमार ने कहा कि बोरिंग, आहर, पइन के माध्यम से हर हाल में किसानों के खेतों तक सिंचाई सुविधा बहाल की जायेगी.इस जिल में 3500 आहर और पइन है. जिसे पुनर्जीवित किया जा रहा है. अकेले लखीसराय शहर में ही 64 तालाब घाट हैं .
जिस पर अतिक्रमण कर रिहायशी मकान बना लिया गया है. इसे अतिक्रमण मुक्त करने की योजना तैयार हो गयी है. भू-गर्भीय जल स्त्रोत की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए डीएम ने कहा कि पटवन के दौरान खेतों में व्यर्थ पानी बहाव को रोकने के लिए कृषि यंत्र स्प्रिंगलर का प्रयोग करें. फसल के खूंटी में आग न लगायें , उर्वरा शक्ति बरकरार रखने के लिए खेत को परती न छोड़ें.
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