मुठभेड़ के बाद कोड़ासी में दहशत

Published at :03 Oct 2016 4:03 AM (IST)
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मुठभेड़ के बाद कोड़ासी में दहशत

कांबिंग. पुलिस व नक्सलियों के बीच हुई 150 राउंड गोलीबारी पीरीबाजार थाना क्षेत्र के लठिया कोड़ासी में रविवार को कांबिंग ऑपरेशन के दौरान पुलिस नक्सली मुठभेड़ में दो नक्सलियों के घायल होने की सूचना है. सूर्यगढ़ा : रीबाजार थाना क्षेत्र के लठिया कोड़ासी में रविवार को कांबिंग ऑपरेशन के दौरान पुलिस नक्सली मुठभेड़ के बाद […]

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कांबिंग. पुलिस व नक्सलियों के बीच हुई 150 राउंड गोलीबारी

पीरीबाजार थाना क्षेत्र के लठिया कोड़ासी में रविवार को कांबिंग ऑपरेशन के दौरान पुलिस नक्सली मुठभेड़ में दो नक्सलियों के घायल होने की सूचना है.
सूर्यगढ़ा : रीबाजार थाना क्षेत्र के लठिया कोड़ासी में रविवार को कांबिंग ऑपरेशन के दौरान पुलिस नक्सली मुठभेड़ के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है. सूत्रों के मुताबिक दोनों ओर से लगभग 150 राउंड गोलीबारी हुई. किसी के भी हताहत की सूचना नहीं है. नक्सल प्रभावित पीरीबाजार, कजरा एवं चानन थाना क्षेत्र में तमाम पुलिस सक्रियता के बावजूद नक्सली संगठन के सदस्यों की सक्रियता बनी हुई है. लठिया कोड़ासी में नक्सलियों को मुठभेड़ कर पुलिस को सीधी चुनौती डाली है. दुर्गम भौगोलिक पृष्ठभूमि के कारण यह इलाका नक्सलियों का सॉफट टारगेट रहा है.
पीरीबाजार एवं कजरा क्षेत्र में नक्सली संगठन दर्जन भर से अधिक घटना को अंजाम दे चुके हैं. पूर्व में भी कांबिंग ऑपरेशन के दौरान पुलिस को नुकसान उठाना पड़ा. तीन माह पूर्व कांबिंग ऑपरेशन के दौरान ही कजरा थाना क्षेत्र के मोरवे डेम के समीप एसटीएफ क्षेत्र के मोरवेडेम के समीप एसटीएफ जवान नौगछिया निवासी अजय मंडल की मौत हो गयी जबकि इसके कुछ माह पूर्व पीरीबाजार थाना क्षेत्र के लठिया में कथित नक्सली मुठभेड़ में धरहरा थाना में जेएसआइ भवेश कुमार शहीद हो गये.
जुलाई 2015 में पीरीबाजार थाना क्षेत्र के दुधम गांव में दो आदिवासी युवक दुधम कोड़ासी निवासी लक्ष्मण कोड़ा एवं भकुरी कोड़ा को नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर नृशंस हत्या कर शव को प्राथमिक विद्यालय बिचला टोला के समीप सड़क पर फेंक दिया. मामले में भकुरी कोड़ा के भाई जमुनिया कोड़ासी निवासी फुचो कोड़ा के बयान पर पीरीबाजार थाना में अरविंद यादव , प्रवेश दा, जालेश्वर कोड़ा, राजीव साव, विपिन साव सहित पांच नामजद व 20 अज्ञात नक्सलियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.
वनों से आच्छादित क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति भी इस प्रकार है कि पुलिस बलों को नक्सलियों को गिरफ्तार करना टेढ़ी खीर के समान है. कजरा, पीरीबाजार एवं चानन के पहाड़ी जंगल सीधे झारखंड से जुड़े होने की वजह से नक्सलियों को भागने में मदद मिलती है.
अंधेरे का फायदा मिला नक्सलियों को
एसपी अशोक कुमार ने कहा कि पुलिस के साथ नक्सलियों की मुठभेड़ हुई है. जिसमें कुछ नक्सलियों के घायल होने और हताहत होने का अनुमान है. अंधेरा होने की वजह से पुलिस को जंगल में कांबिंग ऑपरेशन रोकना पड़ा. अभी तक नक्सली का कोई शव बरामद नहीं हो पाया है. पुलिस को कोई क्षति नहीं हुई. लगभग दर्जन भर नक्सली के जमावड़े की आशंका है. पुलिस ने 150 राउंड फायरिंग की. पुलिस द्वारा यूजीएल एवं मोर्टार भी दागा गया. नक्सलियों के तरफ से भी 50 राउंड फायरिंग हुई.
पुलिस ने घटनास्थल से आइफोन, बैटरी क्लिप, एक रेडियो, मोबाइल चार्जर, विस्फोटक बनाने की सामग्री, चश्मा, चप्पल, तौलिया, सत्तू, नमक, स्टील के बरतन सहित अन्य समान बरामद किया गया है. एसपी के मुताबिक पंकज यादव, अर्जुन कोड़ा ग्रुप का नक्सली होने का अनुमान है. अभियान में बीएमपी, कोबरा, एसटीएफ के जवानों को लगाया था. एसडीपीओ पंज कुमार के नेतृत्व में कांबिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा था.
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