22 फरवरी तक किऊल में चलेगा प्री-एनआई वर्क

By Prabhat Khabar Digital Desk
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लखीसराय : जिला मुख्यालय के दो महत्वपूर्ण स्टेशनों किऊल व लखीसराय को विकसित करने व ट्रेनों के आवागमन को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से किऊल को रूट रिले इंटनलॉकिंग (आरआरआई) सिस्टम से लैस करने को लेकर कार्य किया जा रहा है, जिसको लेकर रेलवे के द्वारा किऊल में विगत 14 फरवरी से प्री-एनआई का कार्य किया जा रहा है, जो अगले 22 फरवरी तक चलने की बात कही जा रही है. उसके बार एनआई का कार्य प्रारंभ कर दिया जायेगा, जिस दौरान कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनों को छोड़ सभी प्रकार की ट्रेनें प्रभावित हो जायेंगी.
जिनमें से कुछ पैंसेजर ट्रेनों को रद्द किया जा सकता है, तो कुछ ट्रेनों को आसपास के स्टेशनों तक ही चलाया जा सकता है. यदि रेल सूत्रों की मानें तो किऊल-गया लाइन में ट्रेनों को नवनिर्मित बायपास पुल तक लाने के बाद गया के लिए वापस किया जा सकता है, जिससे यात्री वहां से सड़क मार्ग का सहारा ले सकें. वहीं रेलवे प्रशासन के द्वारा एनआई कार्य के दौरान पर्व को देखते हुए यात्रियों को असुविधा नहीं हो इसको देखते हुए भी ट्रेनों के परिचालन पर ध्यान देने पर भी चर्चा कर रहा है.
  • प्री-एनआई कार्य के बाद एनआई का शुरू होगा कार्य
  • ट्रेनों के परिचालन पर पड़ेगा व्यापक असर
  • एनआई के दौरान यात्रियों को कम से कम असुविधा हो इस पर किया जा रहा विचार
  • एनआई कार्य प्रारंभ होने के बाद कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनों को छोड़ सभी प्रकार की ट्रेनें होंगी प्रभावित
  • पैसेंजर ट्रेनों को किया जा सकता है रद्द तो कुछ ट्रेनों का मार्ग हो सकता है परिवर्तित
  • किऊल-गया लाइन में बायपास तक ट्रेन चलाने की हो रही कवायद
प्री-एनआई के दौरान ट्रेनों के परिचालन पर बिना कोई ज्यादा असर डाले किऊल में यार्ड व नवनिर्मित प्लेटफॉर्म संख्या एक पर कार्य किया जा रहा है तो वहीं लखीसराय में नये बिछाये गये रेल लाइन पर कार्य किया जा रहा है. प्री-एनआई कार्य के बाद मेन लाइन पर कार्य प्रारंभ होने पर ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ेगा. प्री-एनआई कार्य के 22 फरवरी तक चलाये जाने की बात कही जा रही है, लेकिन उसके बाद एनआई का कार्य कब से शुरू होगा इसके लिए अभी नोटिफिकेशन नहीं किया गया है.
बोले सीपीआरओ : पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर के मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि एनआई का कार्य प्रारंभ करने के लिए अभी तिथि निश्चित नहीं हुई है. इसके लिए अभी चर्चा की जा रही है. इस दौरान यात्रियों को होने वाली असुविधाओं का भी ख्याल रखा जायेगा. इस बीच ज्यादा यात्रियों के परिचालन के समय व पर्व को देखते हुए ट्रेनों के परिचालन पर विचार किया जा रहा है. हालांकि उन्होंने बताया कि 31 मार्च से पूर्व एनआई कार्य को पूर्ण कर लेना है.
आउटर पर ट्रेनों के रोके जाने की समस्या होगी समाप्त : सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि आरआरआई कार्य पूर्ण हो जाने से मैनुअल सिगनल सिस्टम समाप्त हो ऑटोमेटिक सिगनल सिस्टम काम करने लगेगा, जिससे प्लेटफॉर्म के खाली रहने पर ट्रेनों को प्लेटफॉर्म पर बिना विलंब प्रवेश कराया जा सकेगा. वहीं किऊल व लखीसराय में प्लेटफॉर्म की कमी भी दूर हो जायेगी. 31 मार्च के बाद किऊल में पांच की जगह आठ तो लखीसराय में दो की जगह चार प्लेटफॉर्म कार्य करने लगेंगे.
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