आरटीपीएस कर्मी पर राशि लेकर प्रमाणपत्र जारी किये जाने के लगे आरोप को जिला लोक शिकायत पदाधिकारी ने ठहराया सही
Updated at : 19 Jun 2019 6:54 AM (IST)
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मृगेंद्र मणि सिंह, अररिया : प्रभात खबर बेबुनियाद खबर नहीं लिखता. साथ ही खबर की सत्यता की पड़ताल कर उसे अंजाम तक पहुंचाने में पीड़ित का हर संभव मदद भी करती है. जब जांच होती है तो कार्रवाई भी होनी तय मानी जाती है. भरगामा के रघुनाथपुर निवासी संपत कुमार मेहता से जिला कल्याण कार्यालय […]
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मृगेंद्र मणि सिंह, अररिया : प्रभात खबर बेबुनियाद खबर नहीं लिखता. साथ ही खबर की सत्यता की पड़ताल कर उसे अंजाम तक पहुंचाने में पीड़ित का हर संभव मदद भी करती है. जब जांच होती है तो कार्रवाई भी होनी तय मानी जाती है.
भरगामा के रघुनाथपुर निवासी संपत कुमार मेहता से जिला कल्याण कार्यालय की आरटपीएस कर्मी रूबी कुमारी द्वारा 70 रुपये लेकर जाति, निवास, क्रिमीलेयर व ओबीसी प्रमाण पत्र दिये जाने के मामले में भी दोषी आरटीपीएस कर्मी के विरुद्ध कार्रवाई की गाज गिरी है. पीड़ित छात्र संपत कुमार मेहता ने मंगलवार को प्रभात खबर कार्यालय पहुंच कर प्रभात खबर को शुक्रिया कहा.
हालांकि दोषी आरटीपीएस कर्मी के विरुद्ध की गयी इस कार्रवाई से संपत संतुष्ट नहीं हैं. उसके अनुसार रिश्वत एक रुपये हो या 70 की या फिर 50 रुपये. रिश्वत आखिर रिश्वत होती है. इसलिए दोषी कर्मी को कार्य से निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध जब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हो जाती तब तक वे न्याय के लिए लड़ाई जारी रखेंगे. उन्होंने बताया कि प्रभात खबर ने खबर छापकर मुझ जैसे छात्रों के साथ हो रहे आर्थिक दोहण के मामले को पटल पर लाया. यह सराहनीय कदम है.
कार्यपालक सहायक का स्थानांतरण बिहार भवन स्थित आरटीपीएस काउंटर : संपत कुमार मेहता 01 अप्रैल को लगभग डेढ़ बजे जिला कल्याण कार्यालय पहुंचे थे. जहां उन्होंने जाति, निवास, क्रीमीलेयर व ओबीसी प्रमाण पत्र मांग की. लेकिन बने हुए प्रमाण पत्र को देने के एवज में आरटीपीएस कर्मी रूबी कुमारी ने उनसे 100 रुपये मांगे. काफी आरजू-मिन्नत के बाद 70 रुपये पर बात बनी. लेकिन छात्र संपत ने सारे मामले को अपने एंड्रायड मोबाइल में कैद कर लिया.
बता दें कि पीड़ित छात्र के पास वापस भरगामा लौटने के लिए बस का किराया तक नहीं बचा था. पीड़ित छात्र ने इस मामले में अपनी पीड़ा प्रभात खबर कार्यालस में आकर साझा की. प्रभात खबर ने मामले को 02 अप्रैल 2019 के अंक में प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था. अंतत: पीड़ित छात्र को इंसाफ मिला. दोषी आरटीपीएस कर्मी रूबी कुमारी कार्यपालक सहायक का स्थानांतरण बिहार भवन स्थित आरटीपीएस काउंटर में किया गया है.
मामले को लेकर पीड़ित छात्र 02 अप्रैल 2019 को ही जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के पास पहुंचा. जहां लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी मीना कुमारी ने दोनों ही पक्षों के साक्ष्यों का दो तिथियों क्रमश: 16 मई 19 व 30 मई 2019 को किया. मामले में लेन-देन की साक्ष्य सही पाये जाने पर 13 जून 2019 को अपना फैसला परिवादी संपत कुमार मेहता के पक्ष में सुनाया.
हालांकि अपना फैसला सुनाये जाने के बाद कार्यपालक सहायक के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई व दंड अधिरोपण के लिए जिला पदाधिकारी के पास अंतिम निर्णय के लिये भेज दिया है. डीएम द्वारा अंतिम निर्णय सुनाये जाने से पहले कार्यपालक सहायक रूबी कुमारी का स्थानांतरण 29 अप्रैल 2019 को ही बिहार भवन स्थित आरटीपीएस काउंटर कर दिया गया.
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