रेलवे अस्पताल में चिकित्सक नहीं, फार्मासिस्ट करते हैं इलाज

Published at :22 Nov 2017 5:24 AM (IST)
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रेलवे अस्पताल में चिकित्सक नहीं, फार्मासिस्ट करते हैं इलाज

लखीसराय : किऊल रेलवे अस्पताल में विगत 20 दिनों से चिकित्सक नहीं रहने से यहां के रेलकर्मियों एवं किऊल से गुजरने वाली ट्रेनों के यात्रियों को सिर्फ कंपाउंडर के भरोसे रहना पड़ रहा है. पूर्व में पदस्थापित चिकित्सक डॉ आलोक कुमार की संविदा समाप्त हो जाने के बाद रेलवे में अप्रिय घटना के बाद भगवान […]

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लखीसराय : किऊल रेलवे अस्पताल में विगत 20 दिनों से चिकित्सक नहीं रहने से यहां के रेलकर्मियों एवं किऊल से गुजरने वाली ट्रेनों के यात्रियों को सिर्फ कंपाउंडर के भरोसे रहना पड़ रहा है. पूर्व में पदस्थापित चिकित्सक डॉ आलोक कुमार की संविदा समाप्त हो जाने के बाद रेलवे में अप्रिय घटना के बाद भगवान भरोसे ही मरीजों का इलाज संभव लग रहा है.

डॉ आलोक कुमार की संविदा 30 अक्तूबर 2017 को ही समाप्त हो चुकी है. जिसके बाद दानापुर रेल अस्पताल के चिकित्सक को किऊल रेलवे अस्पताल में प्रतिनियुक्ति किया गया, लेकिन रेलवे अस्पताल किऊल में दानापुर के प्रतिनियुक्त चिकित्सक शायद ही कभी दिखाई देते हैं. कभी-कभी किऊल रेलवे अस्पताल में दानापुर से चिकित्सक पहुंचते भी हैं तो शाम ढ़लने से पूर्व ही वे पटना या दानापुर की ट्रेन पकड़ कर लौट जाते हैं. रात्रि में ट्रेन से किसी प्रकार की घटना के बाद जख्मी मरीज को इलाज के लिये झाझा या मोकामा रेलवे अस्पताल रेफर किया जाता है.

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