तीन घायलों को पटना रेफर करने के दौरान परिजनों-ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

Published at :19 Sep 2017 5:12 AM (IST)
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तीन घायलों को पटना रेफर करने के दौरान परिजनों-ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

लखीसराय : कवैया थाना क्षेत्र के मंडलकारा के पास बायपास सड़क पर रविवार की देर रात एक बोलेरो की चपेट में आने से तीन युवक घायल हो गये़ सभी घायल युवक टाउन थाना क्षेत्र के औरेया गांव निवासी बताये जा रहे हैं. घटना के बाद स्थानीय लोगों के सहयोग से घायलों को इलाज के लिए […]

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लखीसराय : कवैया थाना क्षेत्र के मंडलकारा के पास बायपास सड़क पर रविवार की देर रात एक बोलेरो की चपेट में आने से तीन युवक घायल हो गये़ सभी घायल युवक टाउन थाना क्षेत्र के औरेया गांव निवासी बताये जा रहे हैं. घटना के बाद स्थानीय लोगों के सहयोग से घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भरती कराया गया, जहां से सभी की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सक डॉ अविनाश सत्यम ने पटना पीएमसीएच के लिए रेफर कर दिया़ घायल युवकों में औरया गांव निवासी राजाराम मंडल का पुत्र पंकज कुमार, सीताराम मंडल का पुत्र ओंकार कुमार तथा जर्नादन मंडल का पुत्र अमरजीत कुमार शामिल है.

जिसमें ओंकार एवं पंकज की हालत काफी गंभीर बतायी गयी़ घटना के संबंध में घायल ओंकार के पिता सीताराम मंडल ने बताया कि गांव के लड़कों के साथ उनका पुत्र भी पैदल बायपास के रास्ते विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर कहीं होने वाले कार्यक्रम को देखने जा रहा था़ इस दौरान दामोदरपुर पुल के पास बायपास पर पीछे से चारों युवक को एक तेज रफ्तार बोलेरो धक्का मारते हुए फरार हो गया़ जिसमें से तीन बुरी तरह घायल हो गया तथा इसके चौथे साथी को हल्की चोटें आयी हैं. मामूली रूप से घायल चौथे साथी के द्वारा सूचना दिये जाने पर वे लोग घटनास्थल पहुंच अपने बच्चे को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे.

ग्रामीणों के हंगामे के बीच अस्पताल के गार्ड फरार. रविवार की रात सदर अस्पताल में औरेया गांव के ग्रामीणों के द्वारा हंगामा किये जाने के दौरान अस्पताल की सुरक्षा में तैनात लाठीधारी गार्ड ने भी वहां से निकलने में अपनी भलाई समझी़ जिस पर अस्पतालकर्मियों ने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे गार्ड से क्या फायदा है.
हंगामा कर रहे तीन लोगों को पुलिस ने लिया हिरासत में . हंगामा की खबर सुनने के बाद अस्पताल पहुंची कवैया पुलिस ने पहले अस्पताल से ग्रामीणों को खदेड़ा, इस दौरान ज्यादा हंगामा कर रहे तीन लोगों को हिरासत में लिया़ जिसमें औरेया निवासी भाषो मंडल, उसका पुत्र मिथुन मंडल एवं एक अन्य दयानंद मंडल शामिल हैं.
घटना के बाद चिकित्सक व अस्पतालकर्मियों में दिखा आक्रोश
घटना के बाद ड्यूटि पर तैनात चिकित्सक डॉ सत्यम व अस्पतालकर्मियों में खासा आक्रोश देखा गया़ एसडीपीओ एवं कवैया थानाध्यक्ष के पहुंचने पर डॉ सत्यम ने कहा कि बार-बार इस तरह की घटना को देखते हुए वे लोग काफी मर्माहत हैं. सोमवार की सुबह वे लोग सीएस कार्यालय में जाकर अपना योगदान देंगे और सदर अस्पताल में कार्य करने से मना करेंगे. जिस पर कवैया थानाध्यक्ष ने कहा कि एंबुलेंस की व्यवस्था करना अस्पताल प्रबंधन का काम है तथा इसके लिए अस्पताल में प्रबंधक नियुक्त हैं. उन्होंने वहीं से दूरभाष पर अस्पताल प्रबंधक नंद किशोर भारती से बात की और पूछा की उनकी अनुपस्थिति में अस्पताल का प्रबंधन का जिम्मा किसी पर होना चाहिए अन्यथा बिना वजह चिकित्सक को लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ता है और अस्पताल में मौजूद मरीजों को भी परेशानी होती है़ उन्होंने इस दिशा में प्रबंधक से ध्यान देने की बात कही. सोमवार की सुबह अस्पताल उपाधीक्षक डॉ मुकेश कुमार, डॉ आर महतो, डॉ अशोक कुमार सिंह, डॉ अरविंद भारती, डॉ सत्यम एवं डॉ पप्पू के नेतृत्व में अस्पताल कर्मियों के एक दल ने सिविल सर्जन से मुलाकात की और अस्पताल में आये दिन होने वाली इस तरह की घटना से सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग की.
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