स्टेडियम में द्रोण की हो व्यवस्था तो जिले के लाल बनेंगे अर्जुन
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :08 Sep 2017 4:39 AM (IST)
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चिंताजनक . जिले में नये खिलाड़ियों को कोच व इंडोर स्टेडियम का अभाव जिले में एक भी खेल स्टेडियम और इंडोर स्टेडियम नहीं है और न ही किसी खेल के लिए कोच ही नियुक्त किये गये हैं. इससे खिलाड़ियों की प्रतिभा में निखार नहीं हो पा रहा है. जिले के नवजवानों को स्टेडियम व कोच […]
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चिंताजनक . जिले में नये खिलाड़ियों को कोच व इंडोर स्टेडियम का अभाव
जिले में एक भी खेल स्टेडियम और इंडोर स्टेडियम नहीं है और न ही किसी खेल के लिए कोच ही नियुक्त किये गये हैं. इससे खिलाड़ियों की प्रतिभा में निखार नहीं हो पा रहा है. जिले के नवजवानों को स्टेडियम व कोच मिल जाये, तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर नाम रोशन कर सकते हैं.
लखीसराय : सरकार ग्रामीण स्तर तक तेज खेलाड़ियों की खोज करने की बात जरूर करती है, लेकिन ग्रामीण परिपेक्ष्य के लखीसराय जिले में एक भी खेल स्टेडियम और इंडोर स्टेडियम नहीं है. इससे खिलाड़ियों के खेल में निखार नहीं हो पा रहा है.
परिणाम स्वरूप यहां के खिलाड़ियों को राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में चयन से वंचित होना पड़ता है. नतीजतन, खिलाड़ियों में सरकार, जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के प्रति गहरा आक्रोश है. जिले के नवजवानों को स्टेडियम व कोच मिल जाये, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर नाम रोशन कर सकते हैं.
जिले की आबादी लगभग 12 लाख से अधिक है. इसमें दो विधानसभा सीट व सात प्रखंड हैं. जिले के अधिकांश भाग टाल और दियारा में पड़ने के अलावा पठारी धनहर क्षेत्र में पड़ता है. गंगा व हरूहर नदियों के किनारे कई गांव बसे रहने के कारण यहां के लोग अधिकतर पांच से छह फुट के होते हैं. यहां के नौजवानों में खेल के प्रति अधिक रुचि है, लेकिन समुचित खेल मैदान स्टेडियम के अभाव में वे अपने खेल प्रतिभा को कुंठित कर लेते हैं. नवजवान दौड़, कुश्ती, क्रिकेट, वाॅललीबॉल, फुटबॉल, कबड्डी, टेबुल टेनिस आदि में काफी रुचि रखते हैं. गांवों में खेलते हैं, लेकिन मैदान व स्टेडियम के अभाव में प्रतिदिन अभ्यास नहीं कर पाते हैं, जिससे इन खेलाडियों का निखार नहीं हो पाता है, जिसके कारण वे राज्यस्तरीय प्रतियोगिता से वंचित रह जाते हैं.
बड़हिया छोड़कर कहीं में नहीं है सार्वजनिक क्रीड़ा मैदान. जिले के सात प्रखंड़ों में बड़हिया प्रखंड़ छोड़कर कहीं भी सार्वजनिक मैदान नहीं है, मैदान है भी तो विद्यालय एवं रेलवे का क्रीडा मैदान है, जहां खिलाड़ी अपने खेल का प्रतिदिन बिना प्रशिक्षक का अभ्यास करते हैं.
स्टेडियम और इनडोर स्टेडियम का अभाव .
लखीसराय जिला की स्थापना को 24 वर्ष हो गये हैं लेकिन खिलाड़ियों के खेल में निखार लाने के लिए प्रतिदिन अभ्यास के लिए आज तक इस जिला में एक भी खेल स्टेडियम और इंडोर स्टेडियम का निर्माण नहीं हो सका. वहीं इस जिला के बाद शेखपुरा जिला बना, वहां के जनप्रतिनिधियों के जागरूकता के कारण इंडोर स्टेडियम का निर्माण कराया गया, लेकिन यहां के जनप्रतिनिधि को खेल के प्रति कोई मतलब नहीं है.
प्रशिक्षण के लिए दूसरों राज्यों का रुख कर रहे खिलाड़ी
बोले खेल पदाधिकारी
जिला के अतिरिक्त खेला पदाधिकारी परिमल ने बताया कि राज्य सरकार खेल के प्रति सजग है, जल्द ही लखीसराय और जमुई में सरकार द्वारा एकलव्य प्रशिक्षण आवसीय केंद्र खोला जायेगा, जिसके लिए सरकार ने पहल शुरू कर दी है. उनहोंने कहा कि इस केंद्र में खिलाड़ियों को खाने-पीने और रहने की समुचित व्यव्स्था के साथ-साथ खेल सामग्री भी दिया जायेगा, जिसकी रूपरेखा तैयार कर ली गयी है. उन्होंने कहा कि इसके अलावे ग्रामीण स्तर पर भी प्रतिभावान खिलाड़ियों की खोज की जायेगी.
बोले सचिव व कोषाध्यक्ष
जिला क्रिक्रेट संघ के सचिव जयशंकर प्रसाद सिंह और कोषाध्यक्ष गौतम कुमार ने बताया कि स्टेडियम के अभाव में जिले से चार क्रिक्रेट खिलाड़ियों को प्रदेशस्तर पर क्रिकेट कैंप में चयन किया गया है, जिनमे अमन कुमार को अंडर 19 में में चयन किया गया और अभिषेक राज, रिषभ कुमार तथा अभिषेक कुमार को कैंप में चयन किया गया. अगर स्टेडियम होता और प्रतिदिन अभ्यास होता तो यहां के बच्चों के खेल में और निखार आ सकती थी. उन्होंने कहा कि यहां प्रतिभावान खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है, बस खेल मैदान और स्टेडियम की कमी है. उन्होंने राज्य सरकार से इस जिला में स्टेडियम बनाने की मांग की.
गांधी मैदान को स्टेडियम बनाने का प्रस्ताव अब भी पड़ा है ठंडे बस्ते में
समाहरणालय स्थित गांधी मैदान को स्टेडियम बनाने का प्रस्ताव था लेकिन वह भी ठंडे बस्ते में पड़ा है जिससे खिलाड़ियों में काफी नाराजगी है. आज अगर गांधी मैदान स्टेडियम बना होता तो यहां के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए अन्यत्र जगह नहीं जाना पड़ता. यहां के बुद्धिजीवियों द्वारा कई बार क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, मंत्री व जिला प्रशासन को भी लिखा गया लेकिन इन अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया.
कहते हैं खिलाड़ी . खिलाड़ी सोहन कुमार, अभिषेक राज, कल्याण कुमार, विकास, रिषभ, हर्ष राज आदि ने बताया कि जिले के खेलाड़ियों में प्रतिभा काफी है लेकिन खेल के लिये कोई समुचित व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण यहां के खिलाड़ियों को अपने-अपने खेल के लिए अन्य जिलों या दूसरे राज्यों का रूख करना पड़ता है. खिलाड़ियों ने कहा कि क्षेत्र जनप्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन को इसके प्रति ध्यान देना चाहिये जिससे लखीसराय के खिलाड़ियों को राज्यस्तर पर होने वाले प्रतियोगिता में निखरने का मौका मिले.
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