मात्स्यिकी महाविद्यालय अर्राबाड़ी में तीन दिवसीय मत्स्य उत्पाद प्रशिक्षण शुरू

मात्स्यिकी महाविद्यालय अर्राबाड़ी में तीन दिवसीय मत्स्य उत्पाद प्रशिक्षण शुरू
मछली के अचार, कटलेट और मोमोज बनाना सीखेंगे 40 किसान, प्रशिक्षण के बाद मिलेगी किट
अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत महिलाओं को बनाया जा रहा आत्मनिर्भर, 13 मार्च तक चलेगा कार्यक्रम
पोठिया. अर्राबाड़ी स्थित मात्स्यिकी महाविद्यालय द्वारा बुधवार को अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत मूल्य संवर्धित मत्स्य उत्पादों के प्रसंस्करण पर तीन दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 11 मार्च 2026 को सुबह 11 बजे शुरू हुआ, जो 13 मार्च तक चलेगा. कार्यक्रम में अनुसूचित जाति समुदाय के दर्जनों महिला और पुरुषों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया. प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेष रूप से हालामाला व काशीपुर गांव के कुल 40 किसानों को शामिल किया गया है, जिनमें 25 महिलाएं व 15 पुरुष प्रशिक्षण ले रहे हैं. कार्यक्रम के प्रशिक्षक डॉ परमानंद प्रभाकर ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्थानीय किसानों को मछली से बनने वाले विभिन्न मूल्य संवर्धित उत्पादों के प्रति जागरूक करना व उन्हें व्यावसायिक रूप से दक्ष बनाना है. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मछली से अचार, कटलेट, बर्गर, पापड़, बिरयानी और मोमोज जैसे उत्पाद बनाने की विधि सिखाई जा रही है. डॉ प्रभाकर ने बताया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का सुनहरा अवसर मिलेगा, जिससे उनकी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद सभी प्रतिभागियों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक किट भी वितरित की जाएगी. तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों के रहने और खाने की निशुल्क व्यवस्था की गयी है. आयोजकों ने जानकारी दी कि आगामी चरण में करीब 100 और किसानों को प्रशिक्षित करने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों का भविष्य उज्ज्वल हो सके.
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