सम्राट अशोक भवन निर्माण से पहले विवादों में, डिबार संवेदक के साथ एग्रीमेंट पर उठे सवाल

Updated:
विज्ञापन
सम्राट अशोक भवन निर्माण से पहले विवादों में, डिबार संवेदक के साथ एग्रीमेंट पर उठे सवाल

नगर पंचायत ठाकुरगंज का प्रशासनिक भवन

Tender Agreement Dispute: नगर पंचायत ठाकुरगंज की महात्वाकांक्षी सम्राट अशोक भवन परियोजना धरातल पर उतरने से पहले ही बड़े प्रशासनिक घालमेल का शिकार होती दिख रही है. लोक स्वास्थ्य प्रमंडल द्वारा जिस संवेदक (ठेकेदार) को ब्लैकलिस्ट यानी डिबार घोषित किया जा चुका था, उसी के साथ नगर पंचायत द्वारा करोड़ों का एग्रीमेंट साइन करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है.

विज्ञापन
ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट

Tender Agreement Dispute: बिहार के किशनगंज जिला अंतर्गत नगर पंचायत ठाकुरगंज की बहुप्रतीक्षित और बहुआयामी ‘सम्राट अशोक भवन’ परियोजना शुरू होने से पहले ही वित्तीय और प्रक्रियात्मक अनियमितताओं के गंभीर भंवर में फंस गई है. सूचना के अधिकार और विभागीय कड़ियों से सामने आए दस्तावेजों ने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर एक ऐसा बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है. पूरा मामला इस बात को लेकर गरमाया हुआ है कि जब संबंधित संवेदक को आधिकारिक तौर पर सरकारी कार्यों के लिए अयोग्य (डिबार) घोषित कर दिया गया था, तो फिर किस आधार और किन परिस्थितियों में उसके साथ इस महत्वपूर्ण योजना का अंतिम अनुबंध (एग्रीमेंट) कर लिया गया?

तीन तारीखों के फेर में फंसा करोड़ों का खेल; एग्रीमेंट की टाइमिंग पर गंभीर सवाल

इस पूरे विवाद की पटकथा मुख्य रूप से तीन तारीखों और उनके बीच के कालखंड के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसने इस सरकारी परियोजना में पारदर्शिता के दावों की पोल खोलकर रख दी है:

  • 20 दिसंबर 2025 (टेंडर का प्रकाशन): नगर पंचायत ठाकुरगंज द्वारा सम्राट अशोक भवन के निर्माण को लेकर विधिवत निविदा (टेंडर) आमंत्रित की गई थी. इस तारीख तक संबंधित संवेदक तकनीकी रूप से पात्र था.
  • 07 मार्च 2026 (डिबार करने का आदेश): संवेदक के किसी अन्य मामले या तकनीकी गड़बड़ी को लेकर लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, किशनगंज द्वारा सख्त कार्रवाई की गई और उसे सरकारी टेंडरों से डिबार (अयोग्य) घोषित करने का ब्लैकलिस्टिंग आदेश जारी हुआ.
  • 08 जून 2026 (अंतिम एग्रीमेंट साइन): संवेदक के डिबार होने के बावजूद नगर पंचायत ठाकुरगंज ने नियमों को ताक पर रखकर उसी संवेदक के साथ सम्राट अशोक भवन निर्माण कार्य का फाइनल एग्रीमेंट निष्पादित कर लिया.

93 दिनों का वह रहस्यमयी अंतराल; नियमों के जानकारों ने उठाए सवाल

इस पूरे मामले का सबसे संदिग्ध पहलू डिबार आदेश जारी होने और एग्रीमेंट के बीच का 93 दिनों का लंबा अंतराल है. नियमों के जानकारों और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का साफ कहना है कि विवाद टेंडर प्रक्रिया की शुरुआत का नहीं है, क्योंकि उस वक्त संवेदक वैध था. असली कानूनी और प्रशासनिक चूक एग्रीमेंट के वक्त हुई है.

सरकारी नियमावली के मुताबिक, किसी भी कार्य का अंतिम वर्क ऑर्डर या एग्रीमेंट आवंटित करते समय संवेदक का पूरी तरह गैर-विवादास्पद और योग्य होना अनिवार्य है. ऐसे में यह सवाल सड़कों से लेकर कार्यालयों तक गूंज रहा है कि क्या लोक स्वास्थ्य प्रमंडल का डिबार आदेश 93 दिनों तक नगर पंचायत कार्यालय नहीं पहुंच पाया, या फिर जानबूझकर फाइलों को दबाए रखा गया?

विजिलेंस और उच्चाधिकारियों तक पहुंची शिकायत; संवेदक ने झाड़ा पल्ला

माफिया राज और वित्तीय अनियमितता की बू: स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकारी खजाने से बनने वाले इस भवन में जनता की गाढ़ी कमाई लग रही है, जहां पारदर्शिता से समझौता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

इस प्रशासनिक घालमेल की लिखित शिकायत साक्ष्यों के साथ जिला पदाधिकारी (डीएम) किशनगंज और मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग सहित वरीय तकनीकी निगरानी (विजिलेंस) के उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दी गई है. शिकायतकर्ता ने एग्रीमेंट को तत्काल प्रभाव से रद्द करने, संवेदक के वित्तीय खातों पर रोक लगाने और इस प्रक्रिया में शामिल दोषी अधिकारियों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.

दूसरी तरफ, विवाद गहराता देख संबंधित संवेदक ने इस पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि उन्हें लोक स्वास्थ्य प्रमंडल द्वारा डिबार किए जाने की कोई आधिकारिक या लिखित सूचना समय पर नहीं मिली थी. बहरहाल, अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन के रुख पर टिकी हैं कि क्या इस करोड़ों की योजना पर निष्पक्ष जांच का हंटर चलेगा या फिर फाइलों के खेल में सच दबा दिया जाएगा.

किशनगंज की ख़बरों को पढने के लिए क्लिक करें !

विज्ञापन
Divyanshu Prashant

लेखक के बारे में

By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन