किशनगंज से आयी प्रेरणादायी तस्वीर : उफनती नदी, डगमगाते कदम... फिर भी बच्चों का भविष्य संवारने निकल पड़ीं शिक्षिकाएं

एक दूसरे का हाथ पकड़ कर धार पार करते शिक्षक
ठाकुरगंज के सखुआ डाली में चेंगा नदी का उफान सैकड़ों परिवारों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है. पुल के अभाव में शिक्षक, छात्र और ग्रामीण हर दिन जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं. सोमवार को शिक्षिकाओं ने हाथ पकड़कर नदी पार की.
ठाकुरगंज से बच्छराज नखत की रिपोर्ट
ठाकुरगंज प्रखंड के सखुआ डाली क्षेत्र में चेंगा नदी का उफान सैकड़ों परिवारों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है. पुल के अभाव में शिक्षक, छात्र-छात्राएं और ग्रामीण रोज अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं. सोमवार को विद्यालय जाने के दौरान महिला शिक्षिकाओं और अन्य शिक्षकों को तेज बहाव के बीच एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नदी पार करते देखा गया.
तेज बहाव के बीच हाथ थामकर पार की नदी
सोमवार सुबह जब शिक्षक विद्यालय जाने के लिए चेंगा नदी के किनारे पहुंचे तो सामने कमर तक पानी और तेज बहाव था. ऐसे में महिला शिक्षिकाएं कुछ देर के लिए किनारे पर रुक गईं. बाद में साथी पुरुष शिक्षक और स्थानीय ग्रामीण आगे आए. सभी ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर सावधानी से नदी पार की. तेज बहाव के कारण कई बार संतुलन बिगड़ने की स्थिति भी बनी, लेकिन सभी सुरक्षित दूसरी ओर पहुंच गए.
23 जून से लगातार बनी हुई है यही स्थिति
ग्रामीणों के अनुसार, 23 जून को पहली बार चेंगा नदी में उफान आने के बाद से यही हालात बने हुए हैं. तब से अब तक शिक्षक, विद्यार्थी और ग्रामीण प्रतिदिन इसी तरह जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं. बारिश बढ़ने पर नदी का बहाव और तेज हो जाता है, जिससे खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
चाचड़ी पुल नहीं बनने से बढ़ी परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात से पहले इस स्थान पर बांस और बल्लियों से अस्थायी चाचड़ी पुल बनाया जाता था, जिससे आवागमन सुगम हो जाता था. लेकिन इस वर्ष अब तक चाचड़ी पुल का निर्माण नहीं होने से पूरा इलाका प्रभावित है. लोगों का कहना है कि गांव दो हिस्सों में बंट गया है और आवाजाही पूरी तरह नदी की स्थिति पर निर्भर हो गई है.
बच्चों की पढ़ाई भी हो रही प्रभावित
सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है. कई छोटे बच्चे रोज अभिभावकों के साथ नदी पार कर स्कूल पहुंचते हैं. वहीं कई अभिभावक खतरे को देखते हुए बच्चों को विद्यालय भेजने से भी हिचक रहे हैं. इसके बावजूद शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय पहुंचकर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं.
आपात स्थिति में बढ़ जाता है खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि समस्या केवल स्कूल तक सीमित नहीं है. किसी बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाना हो, गर्भवती महिला को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना हो या किसी जरूरी काम से बाहर जाना हो, हर बार उफनती नदी पार करनी पड़ती है. इससे बरसात के दिनों में पूरा क्षेत्र कठिन परिस्थितियों का सामना करता है.
स्थायी पुल की मांग फिर हुई तेज
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दी गई, लेकिन अब तक न तो अस्थायी चाचड़ी पुल बनाया गया और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई. ग्रामीणों ने चेंगा नदी पर जल्द चाचड़ी पुल बनाने और स्थायी आरसीसी पुल के निर्माण की मांग दोहराई है.
सोमवार को सामने आई तस्वीरें केवल शिक्षकों के नदी पार करने की नहीं, बल्कि उस चुनौती की हैं जिसमें शिक्षा का दायित्व निभाने के लिए शिक्षक पहले अपनी जान की बाजी लगाते हैं. अब लोगों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक करता है.
और यह भी पढ़ें : क्या एक मानवीय भूल पर निलंबन उचित? शिक्षक का मामला बना चर्चा का विषय
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By श्रुति कुमारी
श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। अपने समाचार पोर्टल पर कार्य करते हुए उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में अनुभव हासिल किया। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










