किशनगंज.जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि प्रखंड क्षेत्र में जो भी अल्ट्रासाउंड केंद्र बिना वैध रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे हैं, वे शीघ्र ही अपना पंजीकरण करवा ले अन्यथा ऐसे केंद्रों के विरुद्ध विभागीय नियमों के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. डॉ प्रमोद कुमार ने बताया कि अल्ट्रासाउंड जैसी संवेदनशील जांच सेवा का संचालन भारत सरकार के पीसीपीएनडीटी अधिनियम के अंतर्गत आता है. इस कानून का उद्देश्य भ्रूण लिंग जांच पर रोक लगाना और अवैध गतिविधियों को नियंत्रित करना है. बिना पंजीकरण अल्ट्रासाउंड मशीन का उपयोग करना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि इससे सामाजिक अपराधों को भी बढ़ावा मिल सकता है. ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर केंद्र को सील करने के साथ-साथ संचालक पर जुर्माना एवं कानूनी दंड का भी प्रावधान है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ निजी संस्थान एवं व्यक्ति बिना अनुमति के अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन कर रहे हैं. इस पर विभाग ने संज्ञान लेते हुए जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है. जल्द ही प्रखंड स्तर पर विशेष अभियान चलाकर सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच की जाएगी. जिन केंद्रों के पास वैध रजिस्ट्रेशन, आवश्यक दस्तावेज एवं प्रशिक्षित चिकित्सक उपलब्ध नहीं होंगे, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जो संचालक नियमों के अनुरूप कार्य कर रहे हैं, उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है. स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि कानून का पालन सुनिश्चित करना और आम जनता के स्वास्थ्य हितों की रक्षा करना है. उन्होंने अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड चला रहे लोगों से अपील की कि वे जल्द से जल्द आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर पंजीकरण प्राप्त करें.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

