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जिले के 6 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स पर राज्यस्तरीय एनक्वास प्रमाणीकरण का निरीक्षण 24-25 मार्च को

Updated at : 20 Mar 2025 7:33 PM (IST)
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जिले के 6  हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स पर राज्यस्तरीय एनक्वास प्रमाणीकरण का निरीक्षण 24-25 मार्च को

जिले के मोतिहारा, भोगडाबर, धनतोला, बैसा गोपालगंज, झाला, डेरामारी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स को 24 और 25 मार्च को राज्यस्तरीय एनक्वास (नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड) प्रमाणीकरण के लिए निरीक्षण किया जाएगा.

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स्वास्थ्य सेवाओं की नई उड़ान, अब ग्रामीणों को मिलेगा उच्च स्तरीय इलाजस्थानीय मुखिया भी आगे आएं, ताकि गांव-गांव तक पहुंचे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं – डीएमएनक्वास प्रमाणीकरण से हेल्थ सेंटरों की सुविधाओं में क्रांतिकारी बदलाव आएगा: सिविल सर्जनकिशनगंज.ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को उच्च गुणवत्ता प्रदान करने के लिए किशनगंज जिले के मोतिहारा, भोगडाबर, धनतोला, बैसा गोपालगंज, झाला, डेरामारी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स को 24 और 25 मार्च को राज्यस्तरीय एनक्वास (नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड) प्रमाणीकरण के लिए निरीक्षण किया जाएगा. इस महत्वपूर्ण पहल के तहत, जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से डीक्येएसी प्रभारी सुमन सिन्हा लगातार केंद्रों का भ्रमण कर रही हैं और आवश्यक चीजों को दुरुस्त किया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन इन केंद्रों को मॉडल हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स के रूप में विकसित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है.

एनक्वास प्रमाणीकरण: ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए वरदान

सिविल सर्जन डॉ मंजर आलम ने बताया कि एनक्वास प्रमाणीकरण किसी भी स्वास्थ्य केंद्र की सुविधाओं, स्वच्छता, उपकरणों की उपलब्धता, स्टाफ दक्षता, मरीजों की देखभाल और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता को मापने का एक राष्ट्रीय मानक है. प्रमाणीकरण मिलने के बाद इन केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और अधिक बेहतर होगा, जिससे ग्रामीणों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधाएं उनके गांव में ही उपलब्ध होंगी.इसके तहत बेहतर स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाएं, प्रशिक्षित डॉक्टरों और नर्सों की तैनाती, आधुनिक उपकरणों और दवाओं की उपलब्धता, 24×7 आपातकालीन सेवाएं, प्रसव, मातृ-शिशु देखभाल और नियमित टीकाकरण की सुविधा मिलेगी

मुखिया भी आगे आएं, स्वास्थ्य क्रांति का बनें हिस्सा ” गांवों में स्वास्थ्य सुधार के लिए सामुदायिक भागीदारी जरूरी : डीएम

डीएम विशाल राज ने इस पहल को ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया. उन्होंने कहा कि एनक्वास प्रमाणीकरण केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है. उन्होंने स्थानीय मुखियाओं और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे भी इस पहल में सक्रिय भूमिका निभाएं. स्वास्थ्य केंद्रों की बेहतरी केवल सरकार का काम नहीं है. अगर मुखिया और ग्राम पंचायत के सदस्य इसमें सहयोग करें, तो यह पहल और प्रभावी होगी. ग्रामीणों को भी समझाना होगा कि स्वास्थ्य उनका अधिकार है और अब वे अपने गांव में ही उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त कर सकते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AWADHESH KUMAR

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AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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