किशनगंज में निजी छात्रावासों की होगी व्यापक जांच, सभी प्रखंडों से मांगी गई सूची

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किशनगंज: निजी हॉस्टल होंगे जांच के दायरे में

जिला समाहारणालय

किशनगंज जिले में संचालित निजी छात्रावासों की अब जिला प्रशासन द्वारा गहन जांच की जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत सभी छात्रावासों का व्यापक सर्वेक्षण और निरीक्षण होगा। छात्र सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

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ठाकुरगंज से बच्छराज नखत की रिपोर्ट

किशनगंज जिले में संचालित निजी छात्रावास अब जिला प्रशासन के रडार पर हैं. जिले के सभी निजी छात्रावासों का व्यापक सर्वेक्षण और जांच कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इस संबंध में बिहार शिक्षा परियोजना, समग्र शिक्षा अभियान की ओर से सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) को अपने-अपने क्षेत्र में संचालित निजी छात्रावासों की विस्तृत सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.

अपर समाहर्ता के निर्देश पर कार्रवाई

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, समग्र शिक्षा अभियान की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि अपर समाहर्ता, किशनगंज के निर्देश के आलोक में सभी निजी छात्रावासों की जांच कराई जानी है. इसके लिए प्रत्येक प्रखंड से छात्रावास का नाम, पूरा पता, संचालक का विवरण और अन्य आवश्यक जानकारी निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराने को कहा गया है.

इन बिंदुओं पर होगी जांच

जांच के दौरान छात्रावासों की वैधानिक स्थिति और संचालन व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी. साथ ही यह भी देखा जाएगा कि संस्थान निर्धारित मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं.

प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं.

  1. छात्रावास की वैधानिक स्थिति और अनुमति.
  2. सुरक्षा मानकों का अनुपालन.
  3. स्वच्छता, पेयजल और बिजली की व्यवस्था.
  4. अग्नि सुरक्षा सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं.
  5. संचालन से जुड़े आवश्यक अभिलेखों की जांच.

छात्र सुरक्षा पर रहेगा विशेष फोकस

जिले में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं निजी छात्रावासों में रहकर विद्यालयों, महाविद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई करते हैं. ऐसे में प्रशासन छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है.

अनियमितता मिलने पर होगी कार्रवाई

सभी प्रखंडों से रिपोर्ट मिलने के बाद जिला स्तर पर निजी छात्रावासों का समेकित डाटा तैयार किया जाएगा. इसके आधार पर जांच दल विभिन्न छात्रावासों का निरीक्षण करेगा. यदि जांच में बिना अनुमति संचालन या नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आते हैं तो संबंधित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

जिला प्रशासन की इस पहल को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और छात्र-छात्राओं के लिए सुरक्षित आवासीय वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

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Shruti Kumari

लेखक के बारे में

By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। अपने समाचार पोर्टल पर कार्य करते हुए उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में अनुभव हासिल किया। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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