गरीब नवाज एक्सप्रेस के रूट बदलने से ठाकुरगंज-गलगलिया के यात्रियों का बचा समय और पैसा

Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 10 Jun 2026 9:33 AM

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गरीब नवाज एक्सप्रेस

Gareeb Nawaz Express: आम तौर पर किसी ट्रेन का रूट डायवर्ट (मार्ग परिवर्तन) होना रेल यात्रियों के लिए भारी सिरदर्द और मानसिक परेशानी का सबब बनता है. लेकिन बुधवार को अजमेर से आने वाली गरीब नवाज एक्सप्रेस का किशनगंज से ठाकुरगंज-गलगलिया रेलखंड पर डायवर्ट होकर चलना सीमांचल के सैकड़ों स्थानीय यात्रियों के लिए अप्रत्याशित रूप से बड़ी सौगात और राहत की सवारी साबित हुआ.

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ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट

Gareeb Nawaz Express: भारतीय रेलवे के नेटवर्क पर तकनीकी कारणों या ट्रैक मरम्मत के चलते ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन (Route Diversion) एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसे यात्री अमूमन परेशानी के चश्मे से देखते हैं. मगर बुधवार को कटिहार रेल मंडल के तहत एक बेहद दिलचस्प और सुखद नजारा देखने को मिला. अजमेर शरीफ से चलकर किशनगंज के रास्ते आगे जाने वाली गरीब नवाज एक्सप्रेस को जब बदले हुए रूट यानी ठाकुरगंज-गलगलिया मार्ग से कड़ाई से गुजारा गया, तो इस क्षेत्र के यात्रियों के चेहरे खिल उठे. इस रूट परिवर्तन ने सुदूर ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों के उन सैकड़ों यात्रियों का कीमती समय और अतिरिक्त किराया (पैसा) दोनों बचा लिया, जो अमूमन किशनगंज स्टेशन पर उतरकर लंबी और थकाऊ दूरी तय कर अपने घर पहुंचते थे.

दो चरणों की यात्रा महज एक सफर में पूरी; सीधे गंतव्य के करीब उतरे लोग

  • किशनगंज से लंबी दौड़ से मिली मुक्ति: सामान्य दिनों में ठाकुरगंज, छत्तरगाछ, गलगलिया और पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी जाने वाले यात्रियों को विवश होकर पहले किशनगंज स्टेशन पर उतरना पड़ता था. वहां से वे भारी-भरकम पैसे फूंककर बस, ऑटो या निजी वाहनों के जरिए कड़े सफर के बाद अपने घर पहुंचते थे.
  • सीधे घर के पास मिला कड़ा ठहराव: इस बार ट्रेन के सीधे ठाकुरगंज और गलगलिया रेल मार्ग से गुजरने के कारण यात्री अपने मुख्य गंतव्य के बिल्कुल नजदीक उतरने में सफल रहे. इससे उन्हें न तो सामान ढोने की मशक्कत करनी पड़ी और न ही भीषण गर्मी में दूसरी बस या ट्रेन पकड़ने का कड़ा इंतजार करना पड़ा.

रेलवे की तकनीकी मजबूरी, सीमांचल के रेल यात्रियों के लिए बनी बड़ी ‘सौगात’

दिनभर स्टेशन पर रही इसी सुखद अनुभव की चर्चा: हालांकि, रेलवे परिचालन और सुरक्षा व्यवस्था की कड़क मजबूरी के तहत किए गए इस रूट डायवर्जन से उन यात्रियों को थोड़ी असुविधा जरूर हुई जिन्हें किशनगंज में ही उतरना था, लेकिन ठाकुरगंज और गलगलिया प्रखंड के ग्रामीण अंचलों के यात्रियों के लिए यह यात्रा एक सुखद और यादगार अनुभव बन गई.

यात्रा का सामान्य रूट (ओल्ड)बुधवार का डायवर्टेड कड़ा रूटलाभान्वित मुख्य क्षेत्रीय यात्रीयात्रियों को मिले 3 कड़े लाभ
किशनगंज होकर (मुख्य मार्ग)ठाकुरगंज – गलगलिया रेलखंड* ठाकुरगंज व गलगलिया निवासी
* छत्तरगाछ व सिलीगुड़ी के यात्री
1. अतिरिक्त वाहन खर्च की बचत
2. समय की 100% बचत
3. यात्रा की थकान से कड़ी राहत

“जो सफर दो चरणों में होता था, वो एक बार में पूरा हो गया”: मो. तारीफ

इस रूट डायवर्जन के सीधे लाभार्थी और गलगलिया पुल के स्थानीय निवासी मो. तारीफ ने खुशी जाहिर करते हुए अपना अनुभव साझा किया.

उन्होंने बताया, “सामान्य दिनों में जब हम अजमेर या अन्य बाहरी राज्यों से आते हैं, तो किशनगंज स्टेशन पर उतरने के बाद हमें गलगलिया स्थित अपने पैतृक घर तक पहुंचने के लिए अलग से निजी गाड़ी या बस की कड़क व्यवस्था करनी पड़ती थी, जिसमें समय और पैसा दोनों अत्यधिक बर्बाद होता था. लेकिन इस बार गरीब नवाज एक्सप्रेस के डायवर्ट होने से हम सीधे अपने घर के मुहाने पर उतर गए. जो काम आमतौर पर दो चरणों की थकाऊ यात्रा में पूरा होता था, वह इस बार महज एक ही कड़े रेल सफर में मुमकिन हो गया.”

बुधवार को ठाकुरगंज और गलगलिया रेलवे स्टेशनों के आस-पास के चाय दुकानों और बाजारों में दिनभर इसी बात की सकारात्मक चर्चा कड़ाई से चलती रही कि हर बार डायवर्ट ट्रेनें आफत नहीं लातीं, बल्कि कभी-कभी सुदूर सीमांचल के नागरिकों के लिए बड़ी राहत की सवारी भी बन जाती हैं.

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Divyanshu Prashant

लेखक के बारे में

By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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