ड्रैगन फ्रूट की खेती किसानों के लिए आशाजनक विकल्प : डॉ सत्यनारायण

ड्रैगन फ्रूट की खेती किसानों के लिए आशाजनक विकल्प : डॉ सत्यनारायण
पहाड़कट्टा. पोठिया प्रखंड के डॉ कलाम कृषि महाविद्यालय, अर्राबाड़ी में आत्मा वैशाली के सौजन्य से पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का शुभारंभ हुआ. यह प्रशिक्षण 10 फरवरी से 14 फरवरी तक संचालित रहेगा, जो ड्रैगन फ्रूट के वैज्ञानिक उत्पादन विषय पर केंद्रित है. प्रशिक्षण का उद्देश्य उत्तर-पश्चिमी बिहार के किसानों व कृषि वैज्ञानिकों को ड्रैगन फ्रूट की वैज्ञानिक खेती की नवीनतम तकनीकों से अवगत कराना है. उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता डॉ कलाम कृषि महाविद्यालय के सह अधिष्ठाता एवं प्राचार्य डॉ के सत्यनारायण ने किया. उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि ड्रैगन फ्रूट जलवायु परिवर्तन के इस युग में किसानों के लिए एक आशाजनक विकल्प है. इसकी खेती से न केवल आय में वृद्धि होगी, बल्कि पोषण सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी. इस अवसर पर डॉ संजय सहाय प्रभारी अधिकारी, उद्यान अनुसंधान केंद्र एवं एसीएस, किशनगंज, डॉ बीरेन्द्र प्रसाद, एसो प्रोफेसर व वरिय वैज्ञानिक एवं महाविद्यालय के वैज्ञानिक-शिक्षकगण तथा बामेति के प्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे. प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को ड्रैगन फ्रूट की प्रजातियों, रोपण तकनीक, जल व पोषक प्रबंधन, कीट-रोग नियंत्रण, उत्पादन लागत, मूल्य संवर्धन और बाजार उपलब्धता की संपूर्ण जानकारी प्रदान करना है. प्रशिक्षण सत्रों का संचालन महाविद्यालय के अनुभवी वैज्ञानिकों द्वारा किया जाएगा. प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन प्रतिभागियों को एक प्रगतिशील किसान के ड्रैगन-फ्रूट बागवानी क्षेत्र का भ्रमण कराया जाएगा, जहां वे प्रत्यक्ष रूप से खेती की तकनीकों, रख-रखाव एवं विपणन की रणनीतियों को देख सकेंगे और किसान से संवाद कर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे. यह प्रशिक्षण न केवल स्थानीय कृषकों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों लिए लाभकारी सिद्ध होगा, बल्कि उत्तर-पश्चिमी बिहार में ड्रैगन फ्रूट जैसी उच्च मूल्य की फसल को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक सराहनीय पहल है.
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