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ठाकुरगंज- अररिया रेल खंड पर राजधानी एक्सप्रेस की मांग

Updated at : 31 Dec 2025 9:10 PM (IST)
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ठाकुरगंज- अररिया रेल खंड पर राजधानी एक्सप्रेस  की मांग

ठाकुरगंज- अररिया रेल खंड चालू होने के बाद इस रेल खंड होकर राजधानी एक्सप्रेस के परिचालन की मांग जोर पकड़ने लगी है

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ठाकुरगंज

ठाकुरगंज- अररिया रेल खंड चालू होने के बाद इस रेल खंड होकर राजधानी एक्सप्रेस के परिचालन की मांग जोर पकड़ने लगी है. ठाकुरगंज रेल यात्री समिति ने वर्तमान परिचालित मार्ग से कम दूरी होने का दावा करे हुए कहा की नवनिर्मित रेल लाइन ठाकुरगंज -अररिया के रास्ते फारबिसगंज, सरायगढ़ और सीतामढ़ी लखनऊ होकर दिल्ली तक राजधानी एक्सप्रेस चलाने से सीमांचल और मिथिलांचल के इस पिछड़े इलाके को भी फायदा होगा.

भाया ठाकुरगंज – अररिया 1481 किमी पड़ेगा एनजीपी से दिल्ली की दूरी

इस बाबत ठाकुरगंज रेल यात्री समिति के अध्यक्ष बच्छराज नखत ने बताया कि एनजीपी से ठाकुरगंज 63 किमी ठाकुरगंज से अररिया 124 किमी अररिया से फारबिसगंज 28 किमी फारबिसगंज से सीतामढ़ी 217 किमी वही सीतामढ़ी भाया लखनऊ, कानपूर 1049 किमी यानी नए रूट से एनजीपी से दिल्ली की दूरी पड़ेगी 1481 किमी पडेगा. वहीं उन्होंने बताया कि पुराने मार्ग से एनजीपी भाया कटिहार लखनऊ होते हुये दिल्ली की दूरी 1508 किमी तो एनजीपी भाया कटिहार कानपुर होते हुए दिल्ली की दूरी 1468 किमी पड़ती है.

पिछड़े इलाके की बदलेगी तस्वीर

इस बाबत ठाकुरगंज रेल यात्री समिति के संयोजक सिकन्दर पटेल ने बताया की यह प्रस्तावित योजना न केवल यात्री सुविधा के लिहाज से अहम है, बल्कि इसका सामरिक, सुरक्षा और विकासात्मक महत्व भी है. उन्होंने कहा की अब तक ठाकुरगंज पोवाखाली के लोगो को राजधानी ट्रेन पकड़ने किशनगंज वही अररिया – फारबीसगंज, सुपौल और नेपाल के लोगों को राजधानी एक्सप्रेस पकड़ने के लिए कटिहार या बरौनी तक जाना पड़ता था. इससे समय, संसाधन और सुविधा तीनों का नुकसान होता था. लेकिन एनजीपी ठाकुरगंज अररिया होकर राजधानी एक्सप्रेस के परिचालन से सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को पहली बार अपने नजदीकी स्टेशनों से राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेन की सुविधा मिल सकेगी. रेलवे विकास की दृष्टि से यह योजना यात्री हितैषी होने के साथ-साथ सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण होगी.

आर्थिक व भौगोलिक परिदृश्य बदलेगा

इस संबंध में भाजपा नेता अमित सिन्हा, अरुण सिंह म कोशल यादव, गुड्डू सिंह, केशव यादव आदि ने बताया कि बताया कि यह परियोजना भारत सरकार की या परियोजना न केवल यात्रियों को सुविधा प्रदान पड़ेगा बल्कि सीमावर्ती क्षेत्र की आर्थिक एवं भौगोलिक परिदृश्य ही बदल देगा. इन लोगों ने कहा कि इस ट्रेन के चलने से भारत नेपाल के बीच व्याप्त बेटी रोटी के रिश्ते भी मजबूत होंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AWADHESH KUMAR

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AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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