शैक्षणिक योग्यता पर उठ रहे सवाल

Published at :05 Mar 2017 3:38 AM (IST)
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शैक्षणिक योग्यता पर उठ रहे सवाल

गड़बड़ी. ठाकुरगंज प्रखंड में सीआरसीसी पद पर हुई बहाली विवादों के घेरे में एससीइआरटी बिहार के मार्गदर्शिका के अनुसार उक्त पद पर नियुक्ति के लिए प्रशिक्षित होना अनिवार्य है और उक्त शिक्षक को तीन वर्ष का शैक्षणिक अनुभव प्राप्त होना चाहिए. ठाकुरगंज : नियमों की अनदेखी कर ठाकुरगंज प्रखंड में सीआरसीसी पद पर हुई बहाली […]

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गड़बड़ी. ठाकुरगंज प्रखंड में सीआरसीसी पद पर हुई बहाली विवादों के घेरे में

एससीइआरटी बिहार के मार्गदर्शिका के अनुसार उक्त पद पर नियुक्ति के लिए प्रशिक्षित होना अनिवार्य है और उक्त शिक्षक को तीन वर्ष का शैक्षणिक अनुभव प्राप्त होना चाहिए.
ठाकुरगंज : नियमों की अनदेखी कर ठाकुरगंज प्रखंड में सीआरसीसी पद पर हुई बहाली अब विवादों के घेरे में आने लगी है. ठाकुरगंज प्रखंड में हाल ही में नियुक्त किये गये कुछ सीआरसीसी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं. बताते चलें एससीइआरटी बिहार के मार्गदर्शिका के अनुसार उक्त पद पर नियुक्ति के लिए अर्हता प्रशिक्षित होना अनिवार्य है और उक्त शिक्षक तीन वर्ष का शैक्षणिक अनुभव प्राप्त होना चाहिए. परंतु ठाकुरगंज प्रखंड में सीआरसीसी के एक रिक्त पद पर वैकल्पिक व्यवस्था के नाम पर एक अप्रशिक्षित शिक्षक को प्रतिनियुक्ति का आदेश दे दिया गया. वहीं शिक्षा विभाग के सूत्र बताते हैं
कि नियमत किसी रिक्त संकुल का प्रभार समीपवर्ती किसी अन्य सीआरसीसी को दिया जाता रहा है. यदि समीपवर्ती सीआरसीसी का प्रभार लेने में असमर्थता व्यक्त करता है तो पूर्व में किसी कारणवश छांटे गये प्रशिक्षित अभ्यर्थी को प्रभार दिया जाना चाहिए था. बताते चलें कि अक्तूबर 2016 में इस पद हेतु डाइट किशनगंज के विज्ञापन में आदर्श मध्य विद्यालय ठाकुरगंज संकुल के लिए एक मात्र आवेदन शिवली नोमानी ने भरा था, विज्ञापन तिथि तक उनका शैक्षणिक अनुभव दो वर्ष 9 माह था. सीआरसीसी पद पर बहाली आदेश फरवरी के प्रथम सप्ताह में जारी हुआ, जिसमे उक्त प्रशिक्षित शिक्षक शिवली नोमानी का दावा डाईट ने तीन वर्ष पूर्ण न होने के कारण खारिज कर दिया और इस संकुल का पद रिक्त छोड़ दिया. परंतु वैकल्पिक व्यवस्था के नाम पर दिसंबर 2016 में ही प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ठाकुरगंज ने एक अप्रशिक्षित शिक्षक को इस पद पर प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी कर दिया जो अब भी जारी है. जबकि खाली पड़े पद पर समीपवर्ती किसी अन्य सीआरसीसी को प्रभार दिया जाता रहा है यदि समीपवर्ती सीआरसीसी प्रभार लेने में असमर्थता व्यक्त करता है तो पूर्व में किसी कारणवश छांटे गए प्रशिक्षित अभ्यर्थी को प्रभार दिया जाना चाहिए था. जिसके पत्र में स्पष्ट होता की तीन वर्ष का शैक्षणिक अनुभव पूर्ण होने की तिथि से उक्त प्रतिनियुक्ति स्वत: बैधता हासिल कर लेगा. मजेदार बात तो यह है की प्रखंड में बीआरसीसी के तीन पद रिक्त पड़े हैं यदि सीआरसीसी पद पर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत किसी अप्रशिक्षित शिक्षक की नियुक्ति हो सकती है तो महीनों से खाली पड़े बीआरसीसी के पद पर अब तक किसी अप्रिशिक्षित शिक्षक का प्रतिनियोजन क्यों नहीं किया गया है.
कहते हैं प्राचार्य
इस मामले में ठाकुरगंज के प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी दिलीप मंडल से जब संपर्क का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल पर संपर्क नहीं हो पाया जिसके बाद डाइट किशनगंज के प्राचार्य कृष्ण कुमार चौधरी से संपर्क पर उन्होंने स्पष्ट किया की सीआरसीसी पद पर किसी अप्रिशिक्षित शिक्षक की पदस्थापना नहीं हो सकती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सीआरसीसी या बीआरसीसी पद पर बीइओ के द्वारा किया गया किसी भी तरह का प्रतिनियोजन अवैध माना जायेगा.
कहते हैं डीइओ
इस संबंध में डीइओ ग्यासुद्दीन ने कहा कि अधिकांश शहर के शिक्षकों को ही वीक्षक के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया है. लगातार वीक्षक के पद पर प्रतिनियोजन नहीं हो सकता है.
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