जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत, चिकित्सकों व कर्मियों की कमी

Updated at : 05 Jul 2019 6:38 AM (IST)
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जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत, चिकित्सकों व कर्मियों की कमी

किशनगंज : जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गयी है़ विगत दिनों किशनगंज दौरे पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि वे कार्रवाई करने नहीं आये है बल्कि विगत कुछ वर्षों में जो स्वास्थ्य व्यवस्था बद से बदतर हुई है उसे ठीक करने आये है़ जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए […]

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किशनगंज : जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गयी है़ विगत दिनों किशनगंज दौरे पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि वे कार्रवाई करने नहीं आये है बल्कि विगत कुछ वर्षों में जो स्वास्थ्य व्यवस्था बद से बदतर हुई है उसे ठीक करने आये है़ जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए आधारभूत संरचना के निर्माण के साथ साथ भारी संख्या में चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति आवश्यक है़

आधारभूत संरचना की स्थिति : सदर अस्पताल में कुछ वर्ष पहले निर्माण कराया गया था जिसमें मरीजों के लिए सभी सुविधाओं का ख्याल रखा गया है़ हालांकि समुचित देखरेख का अभाव है़
हाल के वर्षों में सदर अस्पताल परिसर में चिकित्सक आवास, नर्सिंग, आवास, एएनएम भवन एवं पोस्टमार्टम का नया भवन बन कर तैयार है़ संवेदक द्वारा स्वास्थ्य विभाग को हैंड ओवर नहीं किया गया है़ सदर अस्पताल परिसर में 2 जीएनएम भवन के निर्माण के लिए बीएमएसआईसीएल स्तर से कार्यादेश निर्गत हो चुका है़ लेकिन कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है़
रेफरल अस्पताल : जिले में एक मात्र रेफरल अस्पताल पोठिया प्रखंड अंतर्गत छत्तरगाछ है़ दूसरे रेफरल अस्पताल का पोठिया में निर्माण कार्य प्रारंभ किया था़ लेकिन निर्माण कार्य बीच में ही बंद कर दिया गया़ स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि एक ही प्रखंड में दो रेफरल अस्पताल हो जाने के कारण सरकार के स्तर से कार्य बंद करा दिया गया है़
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र : जिले में सात प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत है़ स्वास्थ्य विभाग के रिपोर्ट के अनुसार सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है़ लेकिन सभी प्राथमिक स्वपास्थ्य केंद्र का आवासीय भवन जर्जर है .
अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र : जिले में नौ एपीएचसी है़ं जिसमें 7 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में केवल बाह्य कक्ष की सेवा है़ वहीं मात्र दो अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संस्थागत प्रसव सुविधा उपलब्ध है़
नव स्वीकृत अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र : जिले में 35 नये अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदान की गयी है़ जिसमें से 1 मात्र संचालित है़ 11 भवन स्वीकृत अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है़
स्वास्थ्य उपकेंद्र : जिले में 136 स्वास्थ्य उपकेंद्र स्वीकृत है़ जिसमें से 98 स्वास्थ्य उपकेंद्र अपने भवन में चल रहे है़ शेष 38 अन्य सरकारी भवन में संचालित है़
नव स्वीकृत स्वास्थ्य उपकेंद्र : 123 नये स्वास्थ्य उपकेंद्र की स्वीकृति प्रदान की गयी है़ जिसमें से 19 स्वास्थ्य उपकेंद्र कार्यरत है़ 40 नव स्वीकृत उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य जारी है़ शेष का कोई अता पता नहीं है़
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र : जिले में छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति दी गयी है जिसमें से 2 निर्माणाधीन है़ 1 में भूमि विवाद के कारण निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है़
चिकित्सकों की कमी
आधारभूत संरचना कितना भी सुदृढ़ किया जाय. यदि चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी नहीं हो तो सब कुछ बेकार है़ वर्ष 2011 के जनसंख्या के आधार पर कुल 150 चिकित्सकों की पद स्वीकृत है़, अभी मात्र 51 चिकित्सक कार्यरत है़ 99 चिकित्सक के पद रिक्त है़, हालांकि विभागीय रिपोर्ट के अनुसार 88 चिकित्सकों के पद ही रिक्त है़ क्योंकि विभाग द्वारा जिले में 70 चिकित्सकों को पदस्थापित किया गया है़ जिसमें से पांच चिकित्सक अध्ययन अवकाश में है़ जबकि 14 चिकित्सक गायब है़ं
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