सफाईकर्मियों की हड़ताल से शहर में कूड़े-कचरे का अंबार

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किशनगंज : शहर में कूड़ा-कचरा व गंदगी का अंबार लगा हुआ है और नगर परिषद मूकदर्शक बना हुआ है़ दरअसल 34 वार्ड वाले किशनगंज नगर परिषद क्षेत्र के 20 प्रमुख वार्डों की साफ सफाई का जिम्मा पंच फाउंडेशन नामक स्वयंसेवी संस्था को दिया है़ पंच फाउंडेशन ने विगत पांच माह से अपने सफाई कर्मी को […]

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किशनगंज : शहर में कूड़ा-कचरा व गंदगी का अंबार लगा हुआ है और नगर परिषद मूकदर्शक बना हुआ है़ दरअसल 34 वार्ड वाले किशनगंज नगर परिषद क्षेत्र के 20 प्रमुख वार्डों की साफ सफाई का जिम्मा पंच फाउंडेशन नामक स्वयंसेवी संस्था को दिया है़

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पंच फाउंडेशन ने विगत पांच माह से अपने सफाई कर्मी को वेतन नहीं दिया है़, जिसके कारण सफाई कर्मी हड़ताल पर चले गये है़ं आम लीची आदि कई फलों के सीजन होने के कारण लोग इसका भरपूर आनंद ले रहे हैं और इसके कचरे को डस्टबीन में डाल रहे हैं, लेकिन डस्टबीन की सफाई नहीं होने के कारण कचरा सड़क पर फैल रहा है एवं उससे निकल रही दुर्गंध से बीमारी फैलने की संभावना है़
गंदगी से महामारी फैलने का खतरा उत्पन्न होने लगा है़ इतनी विकराल समस्या के बावजूद नगर परिषद कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर रही है़ जिन बीस वार्डों की सफाई का जिम्मा पंच फाउंडेशन को दिया गया है उनमें 3 के अलावे 5 से लेकर 14 वार्ड एवं 26 से लेकर 34 नंबर का वार्ड शामिल है़
इनमें समाहरणालय एवं अन्य सरकारी कार्यालय सहित डीएम आवास का क्षेत्र एवं अफसर कॉलोनी का क्षेत्र शामिल है़ समाहरणालय एवं पदाधिकारियों के आवास क्षेत्र में सफाई के वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नगर परिषद के निजी सफाई कर्मी जो 14 वार्डों में साफ सफाई में लग हुए थे वहां से हटा कर इन स्थानों की साफ सफाई में लगा दिया गया है़ मुख्य बाजार सहित अन्य रिहायशी इलाकों को भगवान के भरोसे छोड़ दिया गया है़
पंच फाउंडेशन द्वारा अपने सफाई कर्मियों को वेतन नहीं देने के मुद्दे पर पंच फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि नगर परिषद विगत तीन महीने से पंच फाउंडेशन को भुगतान नहीं किया है जिनके कारण सफाई कर्मियों को वेतन नहीं दिया जा सका है़ लेकिन सवाल यह उठता है कि जब पंच फाउंडेशन ने 20 वर्षों की सफाई का जिम्मा लिया है तो उसे निजी तौर पर अपने सफाई कर्मियों को भुगतान करना चाहिए़ नगर परिषद तो आज न कल पंच फाउंडेशन को भुगतान करना ही है़
कहते हैं नप कार्यपालक पदाधिकारी
नप कार्यपालक पदाधिकारी मंजूर आलम ने कहा कि राशि आवंटन एवं भुगतान की नयी पद्धति सीएफएमएस लागू होने से तकनीकी गड़बड़ी के कारण भुगतान में देरी हो रही है़ उन्होंने कहा कि पंच फाउंडेशन को नोटिस दी गयी है़ साफ सफाई नहीं होने को लेकर क्यों नहीं आपका अनुबंध रद्द कर दिया जाये़ उन्होंने कहा कि दो चार दिनों में स्थिति ठीक कर लिया जायेगा़
इलाज के लिए आये लोग निराश हो लौटे
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