किशनगंज मंडल कारा में बंद हैं क्षमता से डेढ़ गुणा अधिक कैदी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :28 Feb 2018 5:07 AM (IST)
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तीन दिसंबर 2007 को िमला था मंडल कारा का दर्जा किशनगंज मंडल कारा में कुल 12 वार्ड हैंं, जिसमें 221 कैदियों के रखने की क्षमता है, लेकिन 342 कैदी बंद हैं यहां किशनगंज : संसाधन विहीन किशनगंज मंडल कारा में क्षमता से डेढ़ गुणा अधिक कैदी भेड़ बकरी की तरह रहने को विवश है़ं मंडल […]
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तीन दिसंबर 2007 को िमला था मंडल कारा का दर्जा
किशनगंज मंडल कारा में कुल 12 वार्ड हैंं, जिसमें 221 कैदियों के रखने की क्षमता है, लेकिन 342 कैदी बंद हैं यहां
किशनगंज : संसाधन विहीन किशनगंज मंडल कारा में क्षमता से डेढ़ गुणा अधिक कैदी भेड़ बकरी की तरह रहने को विवश है़ं मंडल कारा में तैनात अधिकारी से लेकर कर्मी भी घोर असुविधा के बीच किसी तरह से अपनी ड्यूटी बजा रहे है़ं लगभग सौ वर्ष पहले ब्रिटिश काल में निर्माण कराया गया यह कारा पूर्व में मंडल उपकारा था, जिसे तीन दिसंबर 2007 को उपकारा से मंडल कारा में परिवर्तित कर दिया गया़ किशनगंज मंडल कारा में कुल 12 वार्ड हैं, जिसमें कैदियों के रखने की क्षमता 221 है, लेकिन वर्तमान में 342 कैदी मंडल कारा में बंद है़ं
उपकारा से मंडल कारा में परिवर्तित होने के बाद कैदियों के रखने की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से मंडल कारा का विस्तार किया गया़ पुराना कारा के पीछे नया कारा भवन एवं वाच पैरिमिटर वॉल बनाया गया है़ वर्ष 2007 में मंडल कारा बनने के बाद से अब तक भवन प्रमंडल नये कारा भवन को मंडल कारा को हस्तांतरित नहीं कर सका है़ हालांकि वर्ष 2006-2007 से लेकर अब तक भवन प्रमंडल कारा में करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन फिर भी अब तक भवन मंडल कारा को हस्तांतरित नहीं किया गया है़ यह जांच का विषय है़ चूंकि पुराने कारा परिसर में ही नया भवन बना है और कारा परिसर रहने के कारण प्रतिबंधित क्षेत्र है इसलिए किसी को वहां जाने की इजाजत नहीं है़ ऐसे में नये कारा भवन जेल प्रशासन को नौ वर्षों के बाद भी क्यों हस्तांतरित नहीं किया जा सका है यह जांच का विषय है़
प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2008-09 में भवन प्रमंडल ने तीन कैदी वार्ड, चार वाच टावर, एक गार्ड बैरेक बनाने में 1 करोड़ 77 लाख रुपये खर्च किये है़ इसके अलावे पैरिमीटर वॉल एक्सरेंसन में वर्ष 2009-2010 में 38 लाख रुपये खर्च किया है़ लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात़
क्या कहते हैं कारा अधीक्षक
इस संबंध में जेल अधीक्षक प्रभात कुमार से पूछने पर उन्होंने कहा कि नये कारा को जेल मैनुअल के हिसाब से बनाया ही नहीं गया है़ जेल की दीवार की ऊंचाई 21 फीट होनी चाहिए, लेकिन 18 फीट से भी कम है़ इसके अलावे भी कई खामियां है जिसे भवन प्रमंडल द्वारा पूरा नहीं किया गया है़
क्या कहते हैं भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता
इस संबंध में भवन प्रमंडल कार्यपालक अभियंता से पूछने पर कहा कि कुछ तकनीकी कमी के कारण नया जेल भवन कारा प्रशासन को टेक ओवर नहीं हो सका है़ छह माह में हस्तांतरित कर दिया जायेगा़
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