बंदोवस्त भूूमि एएमयू को किया आवंटित
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :09 Jul 2017 5:04 AM (IST)
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गफलत. अनुसूचित जाति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुसूइया उहकी ने लगाया आरोप तत्कालीन जिला पदाधिकारी ने मनमानी तरीके से बंदोवस्त भूिम को खाली बता एएमयू को किया आवंटित किशनगंज : स्थानीय प्रखंड के चकला एवं गोविंदपुर मौजा में जो जमीन राज्य सरकार द्वारा एएमयू सेंटर को दी गयी है, उसमें 196.80 एकड़ भूमि अनुसूचति जाति अनुसूचित […]
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गफलत. अनुसूचित जाति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुसूइया उहकी ने लगाया आरोप
तत्कालीन जिला पदाधिकारी ने मनमानी तरीके से बंदोवस्त भूिम को खाली बता एएमयू को किया आवंटित
किशनगंज : स्थानीय प्रखंड के चकला एवं गोविंदपुर मौजा में जो जमीन राज्य सरकार द्वारा एएमयू सेंटर को दी गयी है, उसमें 196.80 एकड़ भूमि अनुसूचति जाति अनुसूचित जनजाति एवं अल्पसंख्यक के नाम पर पूर्व से बंदोबस्त है. जिला प्रशासन ने गफलत में रखकर बंदोबस्त जमीन को खाली बता कर एएमयू को आवंटित कर दिया. यह बात अनुसूचित जाति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनुसूईया उहकी ने कही़ अनुसूईया उहकी अपने दो दिवसीय दौरे पर किशनगंज आयी है़ एससी एसटी जाति के लोगों के साथ हो रहे अन्याय को लेकर जनजातीय हित रक्षा के लिए क्षेत्रीय प्रमुख रामजी हेब्रम, अजय सिंह, मुकेश हेंब्रम,
चंदशेखर राम, वनवासी कल्याण आश्रम के संगठन मंत्री नीतेश मिश्रा ने अनुसूचित जाति आयोग में न्याय की गुहार लगाये थी. मामले की जांच करने पहुंची राष्ट्रीय आयोग की उपाध्यक्ष अनुसूईया उइकी शनिवार को चकला एवं गोविंदपुर मौजा स्थित उक्त भूमि का निरीक्षण किया एवं पीडि़त परिवारों से पूछताछ एवं मामले की जांच की. स्थल निरीक्षण के दौरान पीड़ित परिवारों ने उन्हें बताया कि एएमयू कैंपस के भीतर कहां उनका घर था़ वह कौन सी भूमि थी जिसे जिला प्रशासन ने बंदोबस्त कर उन्हें दिया था.
डीएम ने स्वीकारा प्रशासन से हुई है चूक, एससीएसटी के लोगों के नाम बंदोबस्त थी भूमि : स्थल निरीक्षण के बाद आयोग की उपाध्यक्ष ने पदाधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में प्रमंडलीय आयुक्त भी मौजूद थे़ बैठक के उपरांत संवाददाताओं को संबोधित करते हुए सुश्री उहकी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एएमयू को भूमि आवंटित करते समय तत्कालीन जिला पदाधिकारी से लेकर अमीन व कर्मचारी तक ने आदिवासियों के साथ धोखा व अन्याय किया है़ उन्होंने कहा कि इस बात का प्रमाण है कि एएमयू को जो जमीन दी गयी है उसमें अधिकांश जमीन एससी एसटी को बंदोबस्त थी़ लेकिन अमीन व राजस्व कर्मचारी ने उसे खाली बता कर एएमयू को दे दिया एवं दूसरी जमीन खाली थी उसे फर्जी रूप से एससी एसटी संवग्र के लोगों को बंदोबस्त दिखा दिया गया है़
सुश्री उइकी ने बताया कि जिला पदाधिकारी अपने नक्शे के आधार पर मानने को तैयार नहीं थे कि बंदोबस्त जमीन एएमयू को दिया दी गयी है़ लेकिन एससीएसटी को बंदोबस्त की गयी जमीन का पुख्ता नक्शा जब उन्हें दिखाया गया तब जाकर डीएम पंकज दीक्षित ने माना कि गलती हुई है़ डीएम ने कहा कि तत्कालीन अधिकारियों द्वारा जो गलती की गयी है उसे बदला तो नहीं जा सकता है लेकिन जो लोग बेदखत हुए है उन्हें मुआवजा एवं पुनर्वास हेतु जमीन दी जायेगी. सुश्री उइकी ने कहा कि उन्हें इस बात से कोई एतराज नहीं है कि एएमयू सेंटर बने लेकिन एससी एसटी के साथ अन्याय न हो़ डीएम से कहा कि एक महीने के भीतर सभी विस्थापित परिवारों को पुनुर्वास एवं मुआवजा दिया जायेगा. अनुसूचित जाति राष्ट्रीय आयोग के उपाध्यक्ष के अलावे सदस्य हरी कृष्ण डामोर एवं सहायक निदेशक एसपी मीणा साथ में थे़ इसके अलावे अनुसूचित जन जाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष बाबलू लाल टुडू, स्थानीय नेताओं में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अभिनव मोदी, भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष गौतम पोद्दार के अलावे काफी संख्या में पीड़ित परिवार मौजूद थे़
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