मजदूरी व उत्पीड़न से मुक्त कर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता

प्रखंड मुख्यालय स्थित आइटी भवन के सभा कक्ष में शुक्रवार को बाल संरक्षण इकाई के तत्वावधान में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया
चौथम. प्रखंड मुख्यालय स्थित आइटी भवन के सभा कक्ष में शुक्रवार को बाल संरक्षण इकाई के तत्वावधान में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसका उद्देश्य बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना व बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर रोक लगाना था. प्रशिक्षण में पंचायत सचिव, टोला सेवक, विकास मित्र, बाल विकास परियोजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी सेविकाएं, अंचल के अधीनस्थ कर्मी व जीविका से जुड़ी महिलाएं शामिल हुईं. प्रशिक्षक कुंदन कुमार ने बाल संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए बाल विवाह को समाज के लिए अभिशाप बताया. उन्होंने बाल विवाह पर रोक लगाने के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी. बाल मजदूरी, बाल उत्पीड़न और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग की जिम्मेदारी है कि बच्चों के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के अन्याय को रोका जाय. साथ ही ऐसी स्थिति में कानूनी प्रावधानों का उपयोग कर पीड़ित बच्चों को न्याय दिलाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाई जाय. प्रखंड विकास पदाधिकारी रंजीत कुमार सिंह, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी प्रमथ मयंक, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी नितेश कुमार, प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मनोज श्रीवास्तव, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सुमन चंद्रा आदि कर्मी मौजूद थे. प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित लोगों को बाल संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनने तथा अपने-अपने क्षेत्र में जागरूकता फैलाने का संदेश दिया.
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