खगड़िया. नगर परिषद क्षेत्र के सभी आवास योजना के लाभार्थियों का नाम सार्वजनिक किया जायेगा. ताकि नगर परिषद क्षेत्र के संचालित आवास योजना में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके. नगर सभापति अर्चना कुमारी ने कहा कि अब आवास योजना के सभी लाभार्थियों का नाम सार्वजनिक किया जाएगा. ताकि योजना का लाभ सही और वास्तविक पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे. किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रम, सिफारिश या गलत सूचना की कोई गुंजाइश न रहे. नगर सभापति ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि लाभार्थियों की सूची वार्ड वार तैयार कर सार्वजनिक स्थलों, सूचना पटों एवं अन्य माध्यमों से प्रकाशित की जाय. जिससे आम नागरिक स्वयं यह देख सकें कि उनके क्षेत्र में किन लोगों को आवास योजना का लाभ दिया गया है. चयन किस आधार पर हुआ है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए है, न कि अपात्र लोगों के लिए. इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. नगर सभापति अर्चना कुमारी ने निर्देश दिया कि लाभार्थी सूची सार्वजनिक होने के बाद यदि किसी नाम को लेकर आपत्ति या शिकायत प्राप्त होती है, तो उसका नियमानुसार सत्यापन और निष्पक्ष जांच की जाएगी.
गड़बड़ी सामने आएगी तो होगी कार्रवाई
जांच में यदि कोई व्यक्ति अपात्र पाया जाता है या किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी. साथ ही दोषी कर्मियों एवं संबंधित लोगों की जवाबदेही भी तय की जाएगी. उन्होंने कहा कि अब आवास योजना के चयन, स्वीकृति और निर्माण-तीनों चरणों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी. किसी भी स्तर पर गलत जानकारी देने, नियमों की अनदेखी करने या पक्षपात करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. नगर सभापति ने निर्देश दिया कि सभी संबंधित अधिकारी समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि योजना समयबद्ध और नियम सम्मत तरीके से पूरी हो सके.
पूरी पारदर्शिता के साथ हो रहा योजनाओं का क्रियान्वयन
लाभार्थियों के नाम सार्वजनिक होने से न केवल फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी. बल्कि आम नागरिकों को भी यह विश्वास मिलेगा कि योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है. स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने नगर सभापति के इस सख्त निर्देश का स्वागत किया है. स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि इस व्यवस्था को सख्ती से लागू किया गया, तो आवास योजना अपने मूल उद्देश्य को पूरा करेगी. वास्तव में जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत मिल सकेगी. नगर परिषद ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे पेंशन, स्वच्छता, राशन और सामाजिक सहायता योजनाओं में भी इसी प्रकार की पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था लागू किया जाएगा. ताकि सुशासन की दिशा में ठोस परिणाम सामने आ सकें.
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