ePaper

स्वर्ण देवी के नाम से विख्यात हैं नयागांव सतखुट्टी की मां दुर्गा

Updated at : 06 Oct 2024 10:30 PM (IST)
विज्ञापन
स्वर्ण देवी के नाम से विख्यात हैं नयागांव सतखुट्टी की  मां दुर्गा

प्रखंड अन्तर्गत परबत्ता प्रखंड के नयागांव सतखुट्टी की मां दुर्गा स्वर्ण देवी के नाम से विख्यात है.

विज्ञापन

भक्तों की मन्नतें पूर्ण होने पर चढ़ावा के रूप में सोने का आभूषण, दो दर्जन से अधिक महिलाएं हैं निर्जला उपवास पर परबत्ता. प्रखंड अन्तर्गत परबत्ता प्रखंड के नयागांव सतखुट्टी की मां दुर्गा स्वर्ण देवी के नाम से विख्यात है. सन् 18वीं सदी के द्वितीय दशक में सप्तमी वंश के मेहरबान सिंह को देवी ने दर्शन देकर मंदिर स्थापित कर पूजा प्रारंभ करने का प्रेरणा दिया. जिसके बाद से पूजा प्रारंभ हुआ. यह मंदिर वर्तमान स्थल से दूर सतखुट्टी टोले में स्थित था. कलांतर में गंगा नदी के कटाव से यह टोला विस्थापित हो गया. कहा जाता है कि टोले की पूरी आबादी को कटाव से विस्थापित करने के बाद गंगा नदी मंदिर तक पहुंचकर अपने मूल स्थान की ओर लौट गई. बाद में जहां मंदिर स्थापित था वह स्थान एक टीले के रूप में उभरकर आया. सबकी मन्नतें पूर्ण करती हैं स्वर्ण देवी वर्ष 1979 में पुराने मंदिर के मिट्टी को एकत्रित कर वर्तमान स्थल पर भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया. ऐसी मान्यता हैं कि मां दुर्गा के इस दरबार से आज तक कोई खाली हाथ नहीं लौटा है. भक्तजन यहां चढ़ावा में सोने का आभूषण देते हैं. इसलिए स्वर्ण देवी के नाम से विख्यात हैं. शारदीय नवरात्रा में संध्या के समय भव्य आरती का आयोजन होता हैं. पूर्व जिला परिषद सदस्य शैलेन्द्र कुमार शैलेश ने बताया कि शारदीय नवरात्रा के प्रथम दिन मंदिर से गाजे बाजे के साथ कलश यात्रा शुरु होता है. पुरानी परंपरा के तहत पूर्ण संकल्प के साथ मंदिर के मुख्य पुरोहित डब्लू मिश्र कलश में गंगा जल भरकर जब मंदिर की ओर प्रस्थान करते हैं तो सैकड़ो की संख्या में मुख्य पंडा के चरणों में जल चढ़ाने को लेकर होड़ मच जाती है. उस समय एक अद्भुत नजारा देखने को मिलता हैं. इस मंदिर में चतुर्भुज दुर्गा की प्रतिमा का निर्माण सिद्ध शिल्पकार के बजाय गांव के ही एक ही परिवार के सदस्यों द्वारा किया जाता है. निर्जला उपवास में रहती हैं दर्जनों महिलाएं ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक मंदिर परिसर में कष्टी भवन एवं कुमारिका भवन का निर्माण किया गया है. कष्टी भवन में नवरात्र के मौके पर निर्जला उपवास करने वाली दर्जनों महिला उसी भवन में नौ दिनों तक रहकर मां दुर्गा की आराधना करती हैं एवं कुमारिका भवन में नौ दिनों तक कुंवारी कन्याओं को भोजन करवाया जाता है. दंड प्रणायाम से पहुंचते हैं भक्त गण मन्नतें पूर्ण होनें पर दंड प्रणायाम के सहारे स्वर्ण देवी दुर्गा मंदिर के दरबार में भक्तजन पहुंचते हैं. शारदीय नवरात्र में अष्टमी के दिन सीढ़ी गंगा घाट नयागांव से दंड प्रणायाम के सहारे मां के दरबार में पहुंचने वाले भक्तों की भीड़ देखने को मिलता है. शारदीय नवरात्र में दूर दराज से भक्त जन मां की दरबार में पहुंचते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन