खबर प्रकाशित के बाद सड़क की मरम्मत, लेकिन नहीं थमे सवाल, वार्ड 17 में गुणवत्ता जांच की मांग तेज

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प्रशासन की लीपापोती पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, सड़क मरम्मत के नाम की गयी खानापूर्ति

खगड़िया नगर परिषद के वार्ड 17 में सड़क निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है. घटिया गुणवत्ता की खबर के बाद आनन-फानन में मरम्मत हुई, लेकिन ग्रामीण इसे खानापूर्ति बता रहे हैं. वे स्थायी समाधान और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.

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खगड़िया नगर परिषद के वार्ड संख्या 17 स्थित केडीएस कॉलेज के पीछे बनी सड़क को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. सड़क निर्माण में कथित भ्रष्टाचार और घटिया गुणवत्ता की खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने आनन-फानन में मरम्मत कार्य कराया, लेकिन ग्रामीण इसे केवल औपचारिक कार्रवाई बता रहे हैं. उनका कहना है कि सड़क की मूल खामियों को दूर करने के बजाय सिर्फ ऊपर से मरम्मत कर मामले को दबाने की कोशिश की गई है.

मरम्मत के बाद भी नहीं दूर हुई समस्या

स्थानीय लोगों के अनुसार करीब 250 फीट लंबी इस सड़क के निर्माण में शुरुआत से ही घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था. यही कारण है कि निर्माण के महज दो महीने बाद ही सड़क की कंक्रीट उखड़ने लगी और कई स्थानों पर बड़ी दरारें पड़ गईं. खबर प्रकाशित होने के बाद संवेदक से मरम्मत तो कराई गई, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि दरारों पर केवल कंक्रीट का लेप लगाकर खानापूर्ति की गई है, जो पहली ही बारिश में फिर खराब हो सकती है.

सूचना पट्ट नहीं लगाने पर भी सवाल

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकारी नियमों के अनुसार निर्माण स्थल पर योजना का नाम, प्राक्कलित राशि और संवेदक का विवरण दर्शाने वाला सूचना पट्ट लगाया जाना अनिवार्य है. बावजूद इसके अब तक कोई बोर्ड नहीं लगाया गया है. उनका कहना है कि इससे योजना की लागत और निर्माण मानकों की जानकारी लोगों से छिपाई जा रही है.

मिलीभगत की जांच की मांग

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने की मांग की है. उनका आरोप है कि कनिष्ठ अभियंता रंजन कुमार तिवारी, कार्यपालक पदाधिकारी और संबंधित संवेदक की मिलीभगत के कारण घटिया निर्माण कार्य हुआ. लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है.

स्थायी समाधान की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क का दोबारा मानक के अनुसार निर्माण नहीं कराया गया तो सरकारी धन की बर्बादी होती रहेगी और आम लोगों को खराब सड़क का खामियाजा भुगतना पड़ेगा. ग्रामीणों ने प्रशासन से पारदर्शी जांच और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की है.

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धीरज सिंह

लेखक के बारे में

By धीरज सिंह

धीरज सिंह प्रिंट माध्यम में 20 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. गोगरी (खगड़िया) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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