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बदहाली. डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा सदर अस्पताल, मरीज परेशान

Updated at : 03 Aug 2025 10:08 PM (IST)
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बदहाली. डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा सदर अस्पताल, मरीज परेशान

अस्पताल का नाम बड़े पर दर्शन छोटे हैं. कहने को तो सौ शैय्या सदर अस्पताल है,

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सदर अस्पताल में 233 स्वास्थ्यकर्मी की है आवश्यकता, तैनात है मात्र 105

मरीजों को नहीं मिल रही बेहतर स्वास्थ्य सुविधा, सिर्फ प्रसूता को ही 24 घंटे रहने की मिलती है अनुमति

खगड़िया. सदर अस्पताल को 18 लाख लोगों की उपचार की जिम्मा है. सदर अस्पताल तीन मंजिला है. जिसमें सौ बेड की व्यवस्था है. अस्पताल में सब कुछ सुसज्जित है, जगह पर्याप्त है. यह अस्पताल का नाम बड़े पर दर्शन छोटे हैं. कहने को तो सौ शैय्या सदर अस्पताल है, लेकिन यहां स्वास्थ्य सुविधाएं ही नदारद है. लेकिन, अस्पताल स्वास्थ्य पदाधिकारी, चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की कमी से जूझ रहा है. सदर अस्पताल में अधीक्षक, उपाधीक्षक, चिकित्सक, टेकनिशियन सहित 233 स्वास्थ्यकर्मी की आवश्यकता है. सदर अस्पताल में मात्र 105 स्वास्थ्यकर्मी तैनात हैं. जबकि 128 चिकित्सक सहित स्वास्थ्य कर्मियों की आवश्यता है. सदर अस्पताल के अधीक्षक, उपाधीक्षक के अलावे सर्जन, रोग विशेषज्ञ, सामान्य चिकित्सक,आयुष फिजिसियन आदि 33 पद रिक्त हैं. जबकि 21 चिकित्सक तैनात हैं. दो शिशु रोग विशेषज्ञ संविदा पर है. जबकि एक हड्डी रोग विशेषज्ञ भी संविदा पर हैं. प्रतिदिन औसतन करीब 700 सौ से 9 सौ मरीज अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचते हैं. जिसमें इमरजेंसी के मरीज भी शामिल हैं.

सदर अस्पताल को अपग्रेड करने के बावजूद भी स्वास्थ्य सुविधाएं में नहीं हुआ सुधार

पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने सौ शैय्या सदर अस्पताल का उदघाटन किया था. करोड़ों रूपये की लागत से बने 100 बेड वाले इस अस्पताल का शुभारंभ वर्ष 2014 में हुआ था, जब इस अस्पताल की स्थापना हुई तो क्षेत्र के लोगों को खुशी थी कि अब स्वास्थ्य संबंधी मामूली समस्याओं को लेकर रोगियों को भागलपुर, बेगूसराय पटना इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा, लेकिन उनकी ये समस्याएं जस की तस बनी रह गयी, वहीं स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के कारण अस्पताल में न तो चिकित्सकों की संख्या बढ़ायी जा रही है और न ही कर्मचारियों की. सदर अस्पताल को 100 बेड में अपग्रेड किया गया था. लेकिन, बीते 11 सालों से सदर अस्पताल स्वास्थ्य व्यवस्था व सुविधाएं से जुझ रहा है. अस्पताल डॉक्टर, स्टाफ व संसाधनों की कमी के कारण खुद ही बीमार है. यहां केवल ओपीडी प्रसव मरीजों का इलाज व परामर्श दिया जाता है. सड़क दुर्घटना व गोली लगने वाले मरीज को रेफर कर दिया जाता है.

सदर अस्पताल में फर्मासिस्ट, एक्स रे टेकनिशियन का अभाव

सदर अस्पताल में चिकित्सक, रोग विशेषज्ञ, टेकनिशियन, फर्मासिस्ट सहित दर्जनों स्वास्थ्य कर्मियों की टोटा है. अस्पताल में इलेक्ट्रीशियन एक, मेडिकल रिर्कोड टेकनिशियन एक, स्टेटिकल सहायक एक, फर्मासिस्ट चार, एक्स रे टेकनिशियन तीन, प्रयोगशाला अटेंडेट तीन, प्रयोगशाला प्रावैधिकी दो, ईसीजी टेकनिशियन एक, परिचारिका श्रेणी ए 46, पैथेलाजिस्ट चिकित्सा पदाधिकारी रक्त अधिकोष एक तथा रसोइया व रसोइया सेवक एक-एक, माली एक, स्वीपर एक, एएनएम दो, भंडारपाल एक की आवश्यकता है.

सदर अस्पताल में तैनात चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों की सूची

पद स्वीकृति पद कार्यरत बल रिक्त पद अधीक्षक 01 00 01 उपाधीक्षक 01 00 01 फिजिसियन 02 01 01 जेनरल सर्जन 03 00 03 स्त्री रोग विशेषज्ञ 04 02 02 चर्म रोग विशेषज्ञ 01 00 01 शिशु रोग विशेषज्ञ 03 02 01, 02 संविदा.

मुर्च्छक 02 00 02 ईएनटी विशेषज्ञ 01 01 00 नेत्र रोग विशेषज्ञ 02 01 01 हड्डी रोग विशेषज्ञ 01 00 01, संविदा. रेडियोलॉजी 02 00 02 सामान्य चिकित्सक 26 09 17 दंत चिकित्सक 02 01 01 पब्लिक हेल्थ मैनेजर 01 00 01 आयुष चिकित्सक 04 04 00

कहते हैं सदर अस्पताल उपाधीक्षक

सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों की कमी को लेकर वरीय अधिकारी को पत्राचार किया गया है. संसाधनों के कमी के बीच अस्पताल को चलाया जा रहा है. यदि सृजित पद के अनुपात में आधे भी डॉक्टरों की पदस्थापना हो जाय तो अस्पताल हद तक व्यवस्थित हो जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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