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राजस्व कार्य में लापरवाही मामले में सदर सीओ सस्पेंड, अब आयुक्त कार्यालय मुंगेर में लगाएंगे हाजरी

Updated at : 29 Apr 2025 9:54 PM (IST)
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राजस्व कार्य में लापरवाही मामले में सदर सीओ सस्पेंड, अब आयुक्त कार्यालय मुंगेर में लगाएंगे हाजरी

म्युटेशन सहित विभागीय कार्य में लापरवाह थे सदर सीओ

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-म्युटेशन सहित विभागीय कार्य में लापरवाह थे सदर सीओ

-दाखिल खारिज बाद निष्पादन के बदले बेवजह करते थे आपत्ति

-भूमिहीनों को जमीन उपलब्ध कराने में नहीं लेते थे रुचि

-डीएम की अनुशंसा पर राजस्व व भूमि सुधार विभाग ने की कार्रवाई

खगड़िया. सदर सीओ ब्रजेश कुमार पाटिल को राज्य सरकार ने राजस्व कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड कर दिया है. यह कार्रवाई जिला पदाधिकारी अमित कुमार पांडे की अनुशंसा पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा की गई है. विभाग ने डीएम की रिपोर्ट के आधार पर सीओ के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. निलंबन अवधी के दौरान सीओ आयुक्त कार्यालय मुंगेर में योगदान कर हाजिरी लगाएंगे. बताया जाता है कि सदर सीओ पर आरोप है कि उन्होंने आम लोगों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन में रुचि नहीं दिखाई थी. सीओ दाखिल-खारिज आवेदन के निष्पादन में लगातार लापरवाही बरत रहे थे. जबकि इस संबंध में राज्य सरकार के वरीय अधिकारियों द्वारा कई बार निर्देश जारी किए गए थे. फिर भी सदर सीओ ने इन आदेशों की अनदेखी की. सीओ की लापरवाही के कारण बास भूमिहीन परिवारों को भूमि उपलब्ध कराने के लिए चलाई जा रही है योजना प्रभावित हुई थी. ऑनलाइन जमाबंदी में आधार और मोबाइल नंबर जोड़ने के कार्य में भी रुचि नहीं दिखाई. ई-मापी में अमीनों के कार्यों की समीक्षा भी नहीं की जा रही थी, जिससे सर्वेक्षण कार्य प्रभावित हो रही थी.

सीओ फरियादियों की शिकायत को करते थे नजरअंदाज

बताया जाता है कि जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों को भी नजर अंदाज किया गया था. बताया जाता है कि इसके अलावे भूमि संबंधित समस्या लेकर पहुंचे फरियादियों की शिकायत को नजर अंदाज करते थे. आवेदन स्वीकार भी कर लेते थे तो निष्पादन करने में रूचि नहीं दिखाते थे. कई बार आम जनता की शिकायतें लंबित रह जाते थे. इसके अलावे पंचायत सरकार भवन के लिए भूमि चिन्हित करने के कार्य में भी सीओ की उदासीनता सामने आयी है. राजस्व मामले में ऑनलाइन लगान अद्यतन जैसे जरूरी कार्यों में भी उन्होंने सक्रियता नहीं दिखाई, जिससे सरकारी राजस्व वसूली पर असर पड़ा. बताया जाता है कि सीओ दाखिल खारिज,अभियान बसेरा, भूमिहीनों को जमीन उपलब्ध कराने में रूचि नहीं लेते थे. दाखिल खारिज बाद में बेवजह आपत्ति करते थे. इधर, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय खंडेलिया ने बताया कि एनडीए की सरकार में भ्रष्टाचार व कार्य में लापरवाही करने वाले पदाधिकारियों व कर्मियों को बर्दास्त नहीं किया जायेगा. इसी तरह उनके विरुद्ध कार्रवाई होती रहेगी. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई एक संदेश है कि सरकार अब राजस्व से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगी. खासकर उन योजनाओं को लेकर जो आम जनता से सीधे जुड़ी हुई है.

डीएम ने सीओ के विरुद्ध की थी अनुशंसा

डीएम अमित कुमार पांडे ने सीओ ब्रजेश कुमार पाटिल को निलंबित करने को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को रिपोर्ट भेजी थी. रिपोर्ट के अनुसार सदर सीओ ने बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम के नियमों का भी उल्लंघन किया है. डीएम की रिपोर्ट पर गंभीरता दिखाते हुए विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सीओ ब्रजेश कुमार पाटिल को सस्पेंड कर दिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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