कागजों पर संचालित हो रहा आंगनबाड़ी केंद्र? ग्रामीणों ने व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल, उच्चस्तरीय जांच की मांग
आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-117
Parbatta Anganwadi Centre: खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड में आंगनबाड़ी योजनाओं की जमीनी हकीकत पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है. नगर पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-117 पर ग्रामीणों ने केवल कागजों पर संचालन करने और बच्चों के पोषण-शिक्षा सामग्री में अनियमितता बरतने का गंभीर आरोप लगाया है.
मुख्य बातें:
परबत्ता (खगड़िया) से पलटु झा की रिपोर्ट
Parbatta Anganwadi Centre: बिहार के खगड़िया जिला अंतर्गत परबत्ता प्रखंड क्षेत्र में समेकित बाल विकास सेवाओं (ICDS) के तहत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की जमीनी कड़ियां पूरी तरह उखड़ी हुई नजर आ रही हैं. प्रखंड के नगर पंचायत क्षेत्र स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-117 के औचक बंद रहने और सहायिका की मनमानी को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है. ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि सरकार द्वारा नौनिहालों और गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य व प्रारंभिक शिक्षा के लिए भेजी जाने वाली राशि का बंदरबांट किया जा रहा है और केंद्र धरातल के बजाय सिर्फ फाइलों में ही सक्रिय है.
केंद्र से बच्चे नदारद, सहायिका की ‘हाजिरी’ पर उठे सवाल
आंगनबाड़ी केंद्र की बदहाली और अनियमितता से जुड़ी मुख्य कड़ियां इस प्रकार सामने आई हैं:
- बच्चों की नगण्य उपस्थिति: स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि केंद्र खुलने का कोई निश्चित समय तय नहीं है. जब भी केंद्र खुलता है, वहां पंजीकृत बच्चों की उपस्थिति न के बराबर रहती है.
- ड्यूटी से गायब कर्मी: ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि केंद्र पर तैनात सहायिका कभी-कभार ही महज औपचारिकता पूरी करने के लिए कुछ मिनटों के लिए केंद्र पर आती हैं और गुपचुप तरीके से अपनी हाजिरी (Attendance) बनाकर वापस लौट जाती हैं.
इस लचर व्यवस्था के कारण क्षेत्र के निर्धन परिवारों के बच्चों को मिलने वाली प्रारंभिक अनौपचारिक शिक्षा और सरकार द्वारा दिए जाने वाले पोषाहार (THR/मध्यान्ह भोजन) की कड़ियां पूरी तरह प्रभावित हो रही हैं.
वार्ड सदस्य का सीधा आरोप: केवल कागजों पर चल रहा है केंद्र
योजनाओं के क्रियान्वयन में बरती जा रही इस सुस्ती पर स्थानीय जनप्रतिनिधि ने भी कड़ा रुख अख्तियार किया है.
- जनप्रतिनिधि का बयान: नगर पंचायत के स्थानीय वार्ड सदस्य राजन कुमार ने विभाग को आड़े हाथों लेते हुए स्पष्ट आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-117 लंबे समय से केवल कागजों पर ही संचालित हो रहा है.
- निष्पक्ष जांच की मांग: वार्ड सदस्य ने जिला बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) और जिलाधिकारी से मांग की है कि इस केंद्र की वास्तविक भौतिक स्थिति (Physical Verification) की निष्पक्ष जांच कराई जाए. यदि जांच में विभागीय कड़ियों या कर्मियों के स्तर पर कोई लापरवाही, वित्तीय अनियमितता या फर्जीवाड़ा पाया जाता है, तो संबंधित सेविका-सहायिका के विरुद्ध चयनमुक्ति (Discharge) की सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए.
Parbatta Anganwadi Centre: जवाबदेही से बचती दिखीं एलएस: कहा- “हम देखते हैं” और काट दिया फोन
जब इस पूरे मामले और ग्रामीणों के आक्रोश को लेकर संबंधित क्षेत्र की महिला पर्यवेक्षिका (LS – लेडी सुपरवाइजर) प्रतिभा कुमारी से फोन पर संपर्क साधा गया, तो उनका रवैया पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना रहा. उन्होंने मामले पर कोई ठोस आधिकारिक स्पष्टीकरण देने के बजाय बेहद संक्षिप्त और रूखा जवाब देते हुए कहा, ‘हम देखते हैं.’ और इतना कहते ही उन्होंने तुरंत फोन काट दिया. एलएस के इस बर्ताव से साफ पता चलता है कि निचले स्तर पर जारी इस लापरवाही को ऊपर के अधिकारियों का मौन संरक्षण प्राप्त है.
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ग्रामीणों ने चेताया है कि यदि अगले एक सप्ताह के भीतर आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-117 का नियमित और पारदर्शी संचालन सुनिश्चित नहीं किया गया और बच्चों को उनका हक नहीं मिला, तो वे प्रखंड मुख्यालय पर बाल विकास परियोजना कार्यालय के समक्ष तालाबंदी कर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे.
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By Divyanshu Prashant
दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।
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