खगड़िया के सैदपुर में निकला ताजिया जुलूस, दरगाह पर युवाओं ने दिखाए हैरतअंगेज करतब

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ताजिया जुलूस

Muharram 2026: सैदपुर दरगाह में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, लाठी-तलवार के करतब बने आकर्षण का केंद्र

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मानसी (खगड़िया) से सतीश कुमार की रिपोर्ट.

Muharram 2026: खगड़िया जिले के मानसी प्रखंड स्थित सैदपुर गांव में दसवीं मुहर्रम के अवसर पर पारंपरिक ताजिया जुलूस पूरे श्रद्धा, अकीदत और धार्मिक उत्साह के साथ निकाला गया. जुलूस गांव के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए सैदपुर दरगाह पहुंचा, जहां युवाओं ने पारंपरिक युद्धक कलाओं का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया. कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु मौजूद रहे.

ताजिया जुलूस में दिखी आस्था और परंपरा की झलक

दसवीं मुहर्रम पर निकाला गया ताजिया जुलूस सैदपुर गांव के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा. जुलूस के दौरान मातमी माहौल के साथ धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया गया. पूरे गांव में मुहर्रम को लेकर उत्साह का माहौल देखा गया और लोग बड़ी संख्या में जुलूस में शामिल हुए.

लाठी और तलवार के करतब बने आकर्षण का केंद्र

सैदपुर दरगाह पहुंचने के बाद युवाओं ने लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक युद्धक कलाओं के हैरतअंगेज करतब प्रस्तुत किए. युवाओं के कौशल और प्रदर्शन को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी. करतबों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया.

शाम को लगेगा भव्य मेला, बच्चों के लिए विशेष इंतजाम

मुहर्रम के अवसर पर शाम में सैदपुर दरगाह परिसर में भव्य मेले का आयोजन किया जाएगा. मेले में आसपास के दर्जनों गांवों से महिला, पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में पहुंचते हैं. यहां खरीदारी के साथ-साथ लोग विभिन्न मनोरंजन कार्यक्रमों का भी आनंद लेते हैं.

आयोजकों ने बताया कि मेले को आकर्षक बनाने के लिए बच्चों के मनोरंजन के कई साधन लगाए गए हैं. इसके अलावा विभिन्न प्रकार की मिठाई की दुकानें और मीना बाजार भी सजाए गए हैं.

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Muharram 2026: सामाजिक सौहार्द की मिसाल बनता है सैदपुर का मेला

ग्रामीणों के अनुसार सैदपुर दरगाह का मुहर्रम मेला पूरे क्षेत्र में विशेष पहचान रखता है. हर वर्ष हजारों लोग यहां पहुंचकर मेले की रौनक का हिस्सा बनते हैं. यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का भी संदेश देता है.

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल पूरे आयोजन के दौरान तैनात रहे, ताकि पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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