कवि शंकरानंद की नए कविता संग्रह नाखून में फंसी मिट्टी का लोकार्पण

शंकरानंद की कविताएं देश की सभी प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं.
खगड़िया. युवा कवि शंकरानंद के नए कविता संग्रह नाखून में फंसी मिट्टी का लोकार्पण रविवार को विश्व पुस्तक मेला नई दिल्ली में किया गया. प्रख्यात कवि और संपादक लीलाधर मंडलोई, उमा शंकर चौधरी, अमिताभ राय, संजय कुंदन और ज्योति चावला ने संयुक्त रूप से नाखून में फंसी मिट्टी का लोकार्पण किया. राजभाषा विभाग, बिहार सरकार द्वारा चयनित यह कविता संग्रह सेतु प्रकाशन समूह से प्रकाशित हुआ है. यह शंकरानंद का पांचवां कविता संग्रह है. ज्ञात हो कि कवि कैलाश झा किंकर के पुत्र शंकरानंद के अब तक प्रकाशित कविता संग्रहों में दूसरे दिन के लिए, पदचाप के साथ, इंकार की भाषा और जमीन अपनी जगह काफी चर्चित रहे हैं. इनकी चुनी हुई कविताओं का संग्रह चयनित कविताएं न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन से प्रकाशित हो चुका है. शंकरानंद की कविताएं देश की सभी प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं. हिन्दवी, समालोचन, जानकीपुल, कविता कोश, पहली बार, सबद, समकालीन कविता, गोल चक्कर, अनुनाद, कृत्या, नया पथ जैसी प्रतिष्ठित और चर्चित वेबसाइट पर शंकरानंद की कविताएं उपलब्ध है. शंकरानंद को अब तक विद्यापति पुरस्कार, सृजनात्मक पुरस्कार और मलखान सिंह सिसौदिया कविता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.
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