खगड़िया के लोगों को अब मिलेगी नाव से मुक्ति, शुगर कोल घाट पर बन रहे पुल पर 15 मई से शुरू होगा आवागमन
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 28 Apr 2022 11:10 AM
कोसी नदी की उप धारा शूगर कोल घाट पर 17 करोड़ 65 लाख की लागत से निर्माणाधीन पुल पर आगामी 15 मई से आम लोगों व वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा.
कोसी नदी के भीतरी क्षेत्र के हजारों लोगों के अलावा फरकिया के किसानों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए नावों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा. नदी की उप धारा शूगर कोल घाट पर 17 करोड़ 65 लाख की लागत से निर्माणाधीन पुल पर आगामी 15 मई से आम लोगों व वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा.
सोनमनकी घाट के तीसरे किलोमीटर पर स्थित शूगर कोल घाट पर बीते छह नवंबर 2019 को निर्माण कार्य शुरू किया गया था. 247.98 मीटर लंबे आरसीसी पुल में 10 पिलर दिया गया है. जबकि पिलर पर 10 स्पेन की ढलाई की जानी थी.
पुल के सभी पिलरों एवं नौ स्पेन की ढलाई पहले ही पूरी हो चुकी है. इसके अलावा पुल के दक्षिणी हिस्से के एप्रोच पथ का निर्माण कार्य भी पूरा हो चुका है. मिली जानकारी के अनुसार पुल का आठवां व अंतिम स्पेन (छत) की ढलाई को लेकर युद्ध स्तर पर कार्य चल रहा है. इसी तरह पुल के उत्तरी हिस्से के एप्रोच पथ निर्माण को लेकर मिट्टी भराई कार्य भी युद्ध स्तर पर किया जा रहा है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुल का आठवां अंतिम स्लैब ढालने के लिए सटरिंग का कार्य पूरा हो चुका है.
15 मीटर लंबे स्लैब की ढलाई प्रक्रिया के तहत आगामी 28 अप्रैल को उसके गटर की ढलाई करने की तैयारी पूरी कर ली गई है. जबकि आगामी दो मई को पुल के आठवें व अंतिम स्लैब (छत) की ढलाई का कार्य पूरा करने की योजना है. पुल के आठवें व अंतिम स्लैब की ढलाई के बाद 15 दिनों तक ढलाई पर फ्लोरिंग किया जाएगा. फ्लोरिंग पूरे होने तक पुल के एप्रोच पथ का निर्माण कार्य पूरा हो जायेगा.
आगामी 15 मई से फरकिया वासियों को सुगर कोल घाट पर नाव से पार करने से मुक्ति मिल जाएगी. मालूम हो कि इसके पहले सोनमनकी घाट एवं सर्वजीता (सहरसा सीमा) के बीच खैरी धार, बेलदरवा धार एवं हेलना धार पर पुल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है एवं तीनों पुलों से फरकिया के लोग आवागमन कर रहे हैं.
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फरकिया में कोसी नदी की उप धारा शूगर कोल घाट पर पुल का निर्माण कार्य पूरा हो जाने से जिले के अलावा सहरसा जिले के दर्जनों गांव के हजारों लोगों को चार पहिया वाहन से सड़क के रास्ते जिला मुख्यालय आवागमन करने का सपना साकार हो जायेगा.
जिले में बांध के भीतरी एवं कोसी नदी के गर्भ में स्थित आनंदपुर मारन पंचायत व चेरा खेड़ा पंचायत की 50 हजार से अधिक आबादी को जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए दो से लेकर आधा दर्जन जगहों पर नाव का सहारा लेना पड़ता था. इसी तरह सहरसा जिला अंतर्गत सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के दो पंचायत के एक दर्जन से अधिक गांव के लोगों का मुख्य बाजार खगड़िया ही है.
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