खगड़िया में BDO का विरोध जारी, बॉडी प्रोटेक्टर और रायट हेलमेट उपलब्ध कराने की उठी मांग

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काला फीता बांधकर काम करते बीडीओ | Prabhat Khabar Network

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छपरा में बीडीओ पर हुए हमले के विरोध में गोगरी बीडीओ रघुनन्दन आनंद ने छठे दिन भी काली पट्टी बांधकर काम किया और सुरक्षा की मांग की.

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Gogri BDO Protest: गोगरी के प्रखंड विकास पदाधिकारी रघुनन्दन आनंद शनिवार को लगातार छठे दिन काली पट्टी बांधकर कार्यालय पहुंचे और पूरे दिन सरकारी कार्यों का निष्पादन करते रहे. यह विरोध किसी कामकाज को रोकने के लिए नहीं, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए किया जा रहा है. खास बात यह रही कि विरोध के बावजूद कार्यालय का काम सामान्य रूप से चलता रहा और आम लोगों के कार्यों में कोई बाधा नहीं आने दी गई.

खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड कार्यालय में शनिवार का दिन सामान्य दिखाई दिया, लेकिन बीडीओ रघुनन्दन आनंद की कलाई पर बंधी काली पट्टी ने एक गंभीर संदेश दिया. उन्होंने बताया कि यह विरोध पूरी तरह सांकेतिक है और इसका उद्देश्य अधिकारियों की सुरक्षा से जुड़े उस सवाल को सामने लाना है, जिसे लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है. उनका कहना है कि सरकारी दायित्व निभाने वाले अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए.

विरोध के साथ भी नहीं रुका कार्यालय का काम

रघुनन्दन आनंद ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी प्रशासनिक कार्य को प्रभावित करने के लिए नहीं है. उन्होंने नियमित रूप से कार्यालय पहुंचकर सरकारी योजनाओं और आम लोगों से जुड़े कार्यों का निष्पादन किया. उनका कहना है कि जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसलिए सभी विभागीय गतिविधियां सामान्य रूप से संचालित की जा रही हैं.

यह संदेश भी महत्वपूर्ण है कि प्रशासनिक अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हट रहे हैं, बल्कि सुरक्षित वातावरण में काम करने का अधिकार मांग रहे हैं.

क्यों उठी सुरक्षा उपकरणों की मांग

बीडीओ ने सरकार से मांग की कि प्रखंड कार्यालयों में विधि-व्यवस्था जैसी संवेदनशील ड्यूटी के दौरान अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं. उन्होंने बॉडी प्रोटेक्टर, रायट हेलमेट, शील्ड, लेग गार्ड और आर्म गार्ड जैसे उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की.

उनका कहना है कि कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को भीड़ नियंत्रण, विवाद समाधान और कानून व्यवस्था बनाए रखने जैसी परिस्थितियों में मौके पर जाना पड़ता है. ऐसे समय में पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं होने से अधिकारियों की जान जोखिम में पड़ सकती है.

छपरा की घटना बनी विरोध का कारण

इस सांकेतिक विरोध के पीछे हाल की एक गंभीर घटना भी है. बीडीओ ने कहा कि 25 जुलाई को छपरा के रिविलगंज में ड्यूटी के दौरान बीडीओ रितेश कुमार और दृष्टि पाठक के घायल होने की घटना ने प्रशासनिक अधिकारियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है.

उनका मानना है कि यह सिर्फ एक जिले की घटना नहीं, बल्कि पूरे राज्य के प्रशासनिक तंत्र के लिए चेतावनी है. यदि ड्यूटी के दौरान अधिकारी सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो सरकारी व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ेगा.

आम लोगों पर क्या असर

गोगरी प्रखंड कार्यालय में विरोध के बावजूद आम नागरिकों को राहत मिली कि सरकारी कार्य बाधित नहीं हुए. इससे यह संदेश गया कि अधिकारी अपनी मांगों के साथ-साथ जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समान रूप से निभा रहे हैं.

स्थानीय स्तर पर यह मुद्दा प्रशासनिक सुरक्षा बनाम सार्वजनिक सेवा के संतुलन की चर्चा का विषय बन गया है. लोगों का मानना है कि यदि अधिकारियों को बेहतर सुरक्षा मिलेगी, तो वे अधिक प्रभावी ढंग से कानून व्यवस्था और विकास कार्यों की निगरानी कर सकेंगे.

Gogri BDO Protest: सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग

रघुनन्दन आनंद ने सरकार से अपील की कि छपरा की घटना में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पूरे बिहार में प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा के लिए ठोस एवं प्रभावी नीति बनाई जाए. उनका कहना है कि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और स्पष्ट सुरक्षा प्रोटोकॉल भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

फिलहाल गोगरी में उनका सांकेतिक विरोध जारी है और प्रशासनिक हलकों में यह सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या राज्य स्तर पर अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ठोस पहल की जाएगी.

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रणवीर कुमार

लेखक के बारे में

By रणवीर कुमार

रणवीर कुमार प्रिंट माध्यम में 13 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. गोगरी (खगड़िया) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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