खगड़िया. श्यामलाल चंद्रशेखर मेडिकल कॉलेज के प्रबंधक इंजीनियर धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि महिला दारोगा ने नर्सिंग कॉलेज के हॉस्टल में घुसकर छात्राओं को प्रताड़ित की है. जिसके कारण संस्थान की बदनामी हो रही है. मेडिकल कॉलेज में देश विदेश के छात्र-छात्राओं को शिक्षा दी जाती है. कॉलेज के अधीक्षक को बिना सूचना दिये हॉस्टल में घुसकर छात्राओं को प्रताड़ित करना कानून का उल्लंघन है. उन्होंने कहा कि संस्थान सदैव कानून का सम्मान करता आया है. किसी भी प्रकार की जांच या कार्रवाई के लिए विधि द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है. प्रबंधक ने बताया कि बिना किसी विधिक आदेश या प्रक्रिया के महिला छात्रावास में प्रवेश कर छात्राओं को कमरों में बंद कर पूछताछ करना न केवल कानून के विरुद्ध है, बल्कि इससे छात्राओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस कर रही है. छात्राओं के बीच भय का वातावरण उत्पन्न हो गया है. संस्थान की छवि को भी गंभीर क्षति पहुंची है. संस्थान में देश-विदेश की छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं. ऐसी अनधिकृत कार्रवाई के कारण उनके नाम, पते एवं अन्य गोपनीय सूचनाओं के लीक होने की आशंका उत्पन्न होती है. यदि आपराधिक गिरोहों तक छात्राओं की उपस्थिति की जानकारी पहुंच जाएगी तो अपहरण जैसी गंभीर घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे कृत्य करने वाले व्यक्तियों का सरकारी पद पर बने रहना लोकहित के प्रतिकूल है. इस तरह का एक पुलिस अधिकारी का व्यवहार से संस्थान के साथ साथ पुलिस की भी छवि प्रभावित होती है. मौके पर मीडिया प्रभारी अमरीष कुमार, रोगी कल्याण समिति के प्रफुल्ल चंद्र घोष आदि उपस्थित थे.
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