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तीन वर्षों से अधूरा बागमती पुल, दियारा क्षेत्र के लोगों का इंतजार हुआ लंबा

Updated at : 18 Jan 2026 9:11 PM (IST)
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तीन वर्षों से अधूरा बागमती पुल, दियारा क्षेत्र के लोगों का इंतजार हुआ लंबा

मरीजों और बुजुर्गों को भी सुरक्षित नदी पार करने में सुविधा मिलेगी.

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28 करोड़ की लागत से शुरू हुआ निर्माण, अब तक नहीं मिला आवागमन का सहारा चौथम. प्रखंड के मालपा और रोहियार घाट के बीच बागमती नदी पर निर्माणाधीन पुल तीन साल बीत जाने के बाद भी अधूरा है. करीब 28 करोड़ रुपये की लागत से इस पुल का निर्माण शुरू किया गया था, लेकिन अब तक इसे पूरा नहीं किया जा सका है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कार्य समय पर शुरू होकर नियमित रूप से चलता, तो पुल अब तक काफी हद तक बन चुका होता. पुल अधूरा रहने के कारण रोहियार पंचायत के दस हजार की आबादी आज भी नाव के सहारे नदी पार करने को मजबूर हैं. ग्रामीणों की परेशानी और पुल की आवश्यकता रोहियार पंचायत के लोगों के लिए यह पुल जीवनरेखा के समान है. बाढ़ और अधिक जलस्तर के समय आवागमन के साथ-साथ आवश्यक सामान लाने-ले जाने में भारी कठिनाई होती है. पूर्व प्रमुख प्रभाकर प्रसाद सिंह का कहना है कि पुल बन जाने से न केवल आवाजाही सुगम होगी, बल्कि बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों को भी सुरक्षित नदी पार करने में सुविधा मिलेगी. ग्रामीणों के अनुसार पुल बनने से चौथम और रोहियार पंचायत के आसपास के इलाकों का संपर्क मजबूत होगा और रोजमर्रा की समस्याओं से राहत मिलेगी. निर्माण में देरी के कारण पुल का निर्माण कार्य वर्ष 2020 में शुरू होना था. मार्च 2020 में निविदा प्रक्रिया पूरी हुई और अप्रैल 2020 में शिलापट्ट लगाया गया. लेकिन एस्टीमेट संशोधन और विभागीय प्रक्रियाओं में देरी के कारण काम शुरू नहीं हो सका. बाद में कार्य प्रारंभ होने पर संवेदक की लापरवाही भी सामने आई. विभागीय नोटिस के बाद काम में कुछ तेजी आई, लेकिन बागमती नदी का जलस्तर बढ़ने से निर्माण फिर रोकना पड़ा. वर्तमान स्थिति यह उच्च स्तरीय आरसीसी पुल 345 मीटर लंबा होगा, जिसमें कुल 14 पिलर बनाए जाने हैं. फिलहाल 11 पायों का निर्माण पूरा हो चुका है. परियोजना पर अनुमानित 28 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं, जबकि प्रारंभिक योजना में 7.5 करोड़ रुपये का प्रावधान था. ग्रामीणों का कहना है कि नदी का जलस्तर कम होने के बावजूद निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं किया गया है. कहते हैं विभागीय इंजीनियर ग्रामीण कार्य विभाग, गोगरी के जूनियर इंजीनियर राजीव रंजन ने बताया कि संवेदक को पुल निर्माण कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया है. चार दिनों के भीतर कार्य पुनः प्रारंभ हो जाएगा. उन्होंने कहा कि विभाग की योजना वर्ष 2026 तक पुल निर्माण पूरा करने की है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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