ePaper

संभावित बाढ़ के खतरे से बचाव को ले प्रभावित इलाके के लोगों को अंचल प्रशासन ने किया अलर्ट

Updated at : 05 Oct 2025 8:42 PM (IST)
विज्ञापन
संभावित बाढ़ के खतरे से बचाव को ले प्रभावित इलाके के लोगों को अंचल प्रशासन ने किया अलर्ट

कोसी बराज से अत्यधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने एवं लगातार हो रही मुसलाधार बेमौसम बारिश से एक बार फिर बाढ़ प्रभावित इलाके के लोगों की धड़कनें तेज कर दी है.

विज्ञापन

बेलदौर. कोसी बराज से अत्यधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने एवं लगातार हो रही मुसलाधार बेमौसम बारिश से एक बार फिर बाढ़ प्रभावित इलाके के लोगों की धड़कनें तेज कर दी है. वहीं कोसी बराज से रविवार की सुबह अत्यधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के निर्देश पर अंचल प्रशासन अलर्ट मोड में है, वहीं संबंधित राजस्वकर्मी को संभावित बाढ़ के खतरे से निबटने के लिए गोताखोर एवं ऊंचे स्थल पर तमाम व्यवस्था दुरुस्त रखते कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं. विदित हो कि सितंबर माह के शुरूआत से ही कोसी नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट हो रही थी. लोग बाढ़ के खतरे से निश्चित होकर उत्सवी मौसम में अपनी सामान्य दिनचर्या में व्यस्त हो गए थे. लेकिन बीते दो अक्टूबर से लगातार हो रही बेमौसम बारिश से खेतों में पानी फेल जाने के कारण किसानों को धान फसल बर्बाद होने की चिंता सता रही थी, तो वहीं नेपाल के कोसी बराज से अत्यधिक जलस्राव ने किसान समेत बाढ़ प्रभावित इलाके के लोगों की धड़कनें तेज कर दी है.

कटाव के खतरे से थे परेशान, अब संभावित बाढ़ के खतरे से सहमे हुए

हैं : ग्रामीण

इस संबंध में बलैठा पंचायत के मुखिया विरेंद्र सहनी,पंसस प्रेम कुमार झा, पूर्व पंसस दुर्गा सिंह, बिदुर यादव समेत प्रभावित टोले के लोगों ने बताया कि इस बार उत्सवी मौसम में बाढ़ के खतरे से हमलोग मुक्त हो गये थे, लेकिन कोसी बराज से छोड़े गए अत्यधिक पानी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है, कोसी के संभावित खतरे को भांप इन्होंने बताया कि अगर कोसी नदी में अचानक हुई बढ़ोतरी का दबाव नदी के मुहाने पर बसी बसावटों पर बढ़ी तो बड़ी तबाही मच सकती है, हालांकि नदी का पेट अभी खाली रहने से बलैठा के डुमरी, नवटोलिया मुनि टोला,पचाठ के लोगों को थोड़ी राहत है, जबकि इतमादी के गांधी नगर एवं बारूण में नदी किनारे बसी आवादी सहमें हुए हैं. ग्रामीणों ने बताया कि कटाव के खतरे से परेशान थे ही अब संभावित बाढ़ के खतरे से लोग सहमें हुए हैं. हालांकि 24 से 48 घंटे नदी किनारे बसी आबादी के लिए काफी चुनौतीपूर्ण है. इसके बाद ही खतरे का अंदाजा लगाया जा सकता है.

इस संबंध में आरओ सत्यनारायण झा ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश पर संबंधित राजस्वकर्मी को अलर्ट मोड पर रखा गया है, इसके अलावे कुशल तैराक को चिह्नित कर सभी आवश्यक तैयारी दुरुस्त कर बाढ़ प्रभावित टोले पर पैनी नजर रखी जा रही है. इन्होंने बताया कि रविवार की सुबह कोसी बराज से अत्यधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने की सूचना मिली है, इसका प्रभाव लगभग दो से तीन दिन में नजर आता है इसको लेकर अंचल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RAJKISHORE SINGH

लेखक के बारे में

By RAJKISHORE SINGH

RAJKISHORE SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन