निर्माण हुआ, तो नपेंगे अिधकारी

Updated at : 08 Mar 2017 5:38 AM (IST)
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निर्माण हुआ, तो नपेंगे अिधकारी

निर्देश. सार्वजनिक जमीन पर नहीं बनेंगे धार्मिक स्थल सार्वजनिक जमीन पर अनधिकृत तरीके से मंदिर, मसजिद अथवा किसी भी अन्य धार्मिक संरचना का निर्माण होता है, तो उसे तुरंत रोक दिया जायेगा. खगड़िया : सार्वजनिक भूमि पर मंदिर-मसजिद सहित अन्य धार्मिक संरचनाओं के निर्माण पर भी रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है. डीएम […]

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निर्देश. सार्वजनिक जमीन पर नहीं बनेंगे धार्मिक स्थल

सार्वजनिक जमीन पर अनधिकृत तरीके से मंदिर, मसजिद अथवा किसी भी अन्य धार्मिक संरचना का निर्माण होता है, तो उसे तुरंत रोक दिया जायेगा.
खगड़िया : सार्वजनिक भूमि पर मंदिर-मसजिद सहित अन्य धार्मिक संरचनाओं के निर्माण पर भी रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है. डीएम जय सिंह ने आदेश जारी कर रहा है कि सार्वजनिक जमीन पर किसी भी धर्म से संबंधित नयी धार्मिक संरचना का निर्माण नहीं होगा. अगर कहीं अनाधिकृत तरीके से मंदिर, मसजिद अथवा किसी अन्य धार्मिक संरचना का निर्माण होता है, तो उसे तुरंत रोक दिया जायेगा. रोकने की जिम्मेवारी कई पदाधिकारियों को सौंपी गयी है. दोनों एसडीओ, डीएसपी, सभी सीओ, नगर परिषद/नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में कार्रवाई करेंगे.
अगर कहीं भी सार्वजनिक भूमि पर नयी धार्मिक संरचना का निर्माण कराया जाता है, तो ये पदाधिकारी थानाध्यक्ष के माध्यम से फौरन निर्माण कार्य पर रोक लगायेंगे. बीते दिनों डीएम की अध्यक्षता में इससे संबंधित बैठक आयोजित की गयी थी. इसमें एसपी, एडीएम, दोनों अनुमंडलों के एसडीओ, दोनों डीएसपी एवं राजस्व शाखा के वरीय उपसमाहर्ता ने भाग लिया था. सूत्र बतातें हैं कि बैठक मे पूर्व से सार्वजनिक स्थल पर अनाधिकृत रूप से बनाये गये धार्मिक संरचना को वहां से हटाने सहित नयी संरचना के निर्माण पर सख्ती से रोक लगाने को लेकर चर्चा हुई थी. बैठक में सभी पदाधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिया गया कि किसी भी परिस्थिति में सार्वजनिक जमीन पर अब किसी भी धर्म से संबंधित नयी संरचना का निर्माण नहीं होगा.
अवैध िनर्माण हटाने की चल रही कार्रवाई
नयी संरचना पर रोक लगाने के साथ साथ पूर्व से अनाधिकृत रूप से निर्मित धार्मिक संरचना को हटाने का भी काम चल रहा है. हालांकि यह कार्य काफी धीमा है. सार्वजनिक स्थलों पर अवैध रूप से बनी संरचना को हटाने का आदेश एसएलपी वाद संख्या 8519/06 में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा जारी किया गया था. मुख्य सचिव ने भी 21 दिसंबर, 2009 को ही सुप्रीम कोर्ट के उक्त आदेश का अनुपालन कराने के लिए पत्र लिखा था. कई वर्षो से सार्वजनिक जगहों पर अवैध तरीके से निर्मित संरचना को हटाने/अन्य जगह पर प्रति स्थापित करने की कार्रवाई चल रही है, लेकिन सफलता काफी कम कम हाथ लगी है. जानकार बतातें हैं जितने धार्मिक संरचना को हटाया नहीं गया, उससे कहीं अधिक हाल के वर्षो में निर्माण हुआ है. आंकड़ों के मुताबिक जिले में अवैध संरचना की संख्या 488 है. इसके विरुद्ध 117 संरचनाओं को हटाया अथवा वहां से दूसरे जगह ले जाया गया है.
क्या है जिले की स्थिति
प्रखंड संख्या अतिक्रमण वाद की संख्या प्रतिस्थापित की संख्या
अलौली 207 115 80
खगड़िया 61 60 03
मानसी 09 05 04
चौथम 45 05 00
गोगरी 51 37 06
परबत्ता 82 9 22
बेलदौर 33 31 117
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