गंडक पुल खतरनाक हादसे की आशंका

Published at :04 Oct 2016 4:26 AM (IST)
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गंडक पुल खतरनाक हादसे की आशंका

अनदेखी. फरवरी 1962 में हुआ था शिलान्यास खगड़िया में गंडक नदी पर बनाये गये पुल टूटने के कगार पर पहुंच चुका है. पुल में जगह जगह बने गड्ढे व पैदल पथ पर उग आये घास बदहाली की कहानी कहने के लिए काफी है. खगड़िया : डुमरी पुल पर आवागमन शुरू होने की आस पूरी भी […]

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अनदेखी. फरवरी 1962 में हुआ था शिलान्यास

खगड़िया में गंडक नदी पर बनाये गये पुल टूटने के कगार पर पहुंच चुका है. पुल में जगह जगह बने गड्ढे व पैदल पथ पर उग आये घास बदहाली की कहानी कहने के लिए काफी है.
खगड़िया : डुमरी पुल पर आवागमन शुरू होने की आस पूरी भी नहीं हुई लेकिन खगड़िया में गंडक नदी पर बनाये गये पुल टूटने के कगार पर पहुंच चुका है. पुल में जगह जगह बने गड्ढे व पैदल पथ पर उग आये घास जर्जरता की कहानी कहने के लिये काफी है. बताया जाता है कि एनएच 31 पर बने इस पुल के क्षतिग्रस्त होने की हालत में उत्तर भारत का संपर्क भंग हो सकता है. डीएम जय सिंह ने भी एनएच विभाग को पत्र लिख कर पुल की दुर्दशा से अवगत करा दिया है. इधर, पुल में लेवलिंग कर खानापूर्ति किये जाने की खबर है.
हजारों वाहनों का आवागमन का साधन : इस पुल के माध्यम से प्रतिदिन हजारों को संख्या में बड़ी वाहनों को आवाजाही होती है. 52 वर्ष की उम्र पार कर चुके इस पुल की मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिये जाने के कारण स्थिति दिन ब दिन बिगड़ती चली गयी. बताया जाता है कि बुढ़ी गंडक नदी पर बने इस पुल के टूटने से उत्तर भारत का सड़क संपर्क भंग हो सकता है.
सदर एसडीओ के निर्देश पर हो रहा है लेवलिंग : युवा शक्ति के प्रदेश अध्यक्ष नागेंद्र सिंह त्यागी के अनुरोध बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए सदर एसडीओ शिव कुमार शैव के निर्देश पर बुढ़ी गंडक पर यत्र तत्र सड़क के गड्ढे को लेवलिंग करने कार्य आरंभ किया गया है.
कहते हैं एसडीओ
सदर एसडीओ ने बताया कि बुढ़ी गंडक पुल की जर्जर स्थिति के प्रति जिला प्रशासन गंभीर है. फिलहाल खगड़िया -पूर्णिया डिवीजन को बुढ़ी गंडक पुल सड़क को लेवलिंग करने का निर्देश दिया गया है. लेवलिंग होने के बाद खगड़िया डिवीजन के द्वारा कालीकरण किया जाएगा. बारिश के समय रहने के कारण कार्य बंद है. बावजूद इस पूल की जर्जरता को देखते हुए अविलंब मरम्मत करते हुए कालीकरण किया जाएगा.
हो रही मरम्मत कार्य. फोटो। प्रभात खबर
लगता है पुल टूट कर गिरने की घटना में लोगों की जान जाने के बाद ही गंडक पुल की समस्या की ओर सरकार का ध्यान जायेगा. गंडक पुल पर जगह जगह बने गड्ढे जर्जरता की कहानी कहने के लिये काफी हैं. लेवलिंग कराने से काम नहीं चलने वाला है. जरूरत है समय रहते गंडक नदी पर एक अन्य पुल बनाने की वरना एनएच 31 पर आवागमन का संकट उत्पन्न के साथ ही किसी दिन यह पुल बड़े हादसे का गवाह बन सकता है.
सुधांशु चौधरी, सामाजिक कार्यकर्ता.
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