जमालपुर-अगुवानी मुख्य मार्ग दो घंटे तक जाम

Published at :02 Sep 2016 12:00 AM (IST)
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जमालपुर-अगुवानी मुख्य मार्ग दो घंटे तक जाम

गोगरी : विद्यालय में एमडीएम नहीं बनने से आक्रोशित बच्चों ने अगुवानी-जमालपुर मुख्य मार्ग को दो घंटे तक जाम कर प्रदर्शन किया. प्रखंड क्षेत्र के मध्य विद्यालय शेरगढ़ में शुक्रवार को गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन नहीं बनाये जाने से छात्रों और अभिभावकों ने अगुवानी-जमालपुर मुख्य पथ को शेर गढ़ चौक पर दो घंटे तक जाम कर […]

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गोगरी : विद्यालय में एमडीएम नहीं बनने से आक्रोशित बच्चों ने अगुवानी-जमालपुर मुख्य मार्ग को दो घंटे तक जाम कर प्रदर्शन किया. प्रखंड क्षेत्र के मध्य विद्यालय शेरगढ़ में शुक्रवार को गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन नहीं बनाये जाने से छात्रों और अभिभावकों ने अगुवानी-जमालपुर मुख्य पथ को शेर गढ़ चौक पर दो घंटे तक जाम कर दिया. इस वजह से शिशवा से मड़ैया चौक तक वाहनों की लंबी कतार लग गयी. अपनी मांगों के समर्थन में सड़क पर उतरे छात्रों में वर्ग एक से छह तक के छात्र शामिल रहे. छात्र श्रीराम कुमार, नंद जी, कृष्ण कुमार, नीतीश कुमार, विकास कुमार, रितेश कुमार सहित अन्य छात्रों ने बताया कि विगत कई दिनों से गुणवत्तापूर्ण तरीके से एमडीएम का खाना नहीं बनाया जा रहा है. छात्रों ने बताया कि शिक्षक अपने लिए अलग भोजन और बच्चों के लिये अलग एमडीएम बनवाते हैं.

इसको लेकर कई बार विभाग को शिकायत करने के बाद भी स्थिति नहीं सुधरते देख शुक्रवार को बच्चों का आक्रोश फूट पड़ा. बच्चों ने बताया कि विद्यालय में स्थानीय शिक्षकों रहने के कारण पठन-पाठन भी सही तरीके से नहीं हो रहा है. विद्यालय में शिक्षक तो आते हैं, लेकिन समय का ख्याल नहीं रखते हुए बगैर पढ़ाये घर चले जाते हैं. इन्हीं सभी समस्याओं के निदान को लेकर जाम कर रहे बच्चे दो घंटे तक भूखे प्यासे जाम में डटे रहे. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे एसडीओ संतोष कुमार ने कड़ी मशक्कत के बाद जाम को हटवाया. घटना को लेकर जब स्थानीय लोगों ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी चंद्रकांत सिंह को फोन किया,उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाके में नोडल पदाधिकारी के रूप में कार्य में व्यस्त रहने के कारण अभी नहीं आ सकते हैं. एसडीओ ने बच्चों को कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम हटवाया. विदित हो कि यह विद्यालय विगत तीन वर्षों से हमेशा विवादों में है. जब भी इस विद्यालय में विवाद होता है,तो स्थानीय शिक्षकों का नाम काफी चर्चा में रहता है.

सबसे खास बात यह है कि वरीय पदाधिकारी के आदेश के बाद भी यह विद्यालय फिलहाल राजनीति का खुलेआम अखाड़ा बना हुआ है. विद्यालय के पूर्व प्रधानाध्यापक पर भी विभागीय कई मामले दर्ज हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि वरीय पदाधिकारी और बीइओ जांच के लिए आते हैं और एक समझौते के तहत उगाही कर चले जाते हैं, लेकिन विद्यालय की व्यवस्था ज्यों की त्यों बनी रहती है.भूख से छटपटा रहे थे बच्चेदो घंटे से सड़क जाम रहने के कारण जाम में फंसे निजी विद्यालय से छुट्टी होने के बाद घर जा रहे सैकड़ों बच्चे फंसे रहे.

इस दौरान बच्चे एक ही गुहार लगा रहे थे हमलोगों को जाने दीजिए. बहुत भूख लगी है. मेरा क्या कसूर है.कहते हैं प्रधानाध्यापकएमडीएम में सभी के लिए एक ही खाना बनाया जाता है. हमारे लिए सभी शिक्षक और छात्र एक सामान है. स्थानीय राजनीति के तहत बदनाम किया जा रहा है. सारे आरोप बेबुनियाद हैं. – हर्षदेव यादव, प्रधानाध्यापक मध्यविद्यालय शेरगढ़.

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