नहीं हो रहा है सरकार के आदेश का पालन

Published at :03 Aug 2016 5:03 AM (IST)
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नहीं हो रहा है सरकार के आदेश का पालन

खगड़िया : निजी बसों के संचालक सरकार की आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं. यात्रियों की सुविधा से संबंधित बिहार राज्य परिवहन प्राधिकार द्वारा लिए गये निर्णय को निजी बस संचालकों ने आजतक लागू नहीं किया, जबकि ढाई वर्ष पूर्व ही जिला प्रशासन ने सरकार के आदेश को लागू करने का निर्देश दिया था. […]

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खगड़िया : निजी बसों के संचालक सरकार की आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं. यात्रियों की सुविधा से संबंधित बिहार राज्य परिवहन प्राधिकार द्वारा लिए गये निर्णय को निजी बस संचालकों ने आजतक लागू नहीं किया, जबकि ढाई वर्ष पूर्व ही जिला प्रशासन ने सरकार के आदेश को लागू करने का निर्देश दिया था. विदित हो कि निजी बसों में यात्रियों की सुविधाओं को लेकर राज्य सरकार ने बिहार राज्य परिवहन प्राधिकार को आवश्यक कार्रवाई करने का आदेश दिया था.

प्राधिकार ने निर्णय लिया था कि सरकारी बसों के साथ-साथ निजी बसों में भी नि:शक्त व वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीट को आरक्षित रखा जाये. ताकि उन्हें आने-जाने में सहूलियत मिल सके. ढाई वर्ष पूर्व प्राधिकार का आदेश मिलने के बाद तत्कालीन डीटीओ ने निजी बस संचालकों के साथ बैठक कर प्राधिकार द्वारा लिए गये निर्णयों से अवगत कराया था. जिसमें सभी प्रकार के बसों में प्रवेश द्वार के निकट प्रथम पंक्ति के दो सीटों को नि:शक्त के लिए सुरक्षित रखना था. इसका उल्लेख सुरक्षित सीट के समीप वाहन तथा परमिट में भी करना था.
नि:शक्त यात्रियों की सुविधा के लिए वाहनों में व्हील चेयर की व्यवस्था वाहन मालिकों को ही करना था. सवारी वाहनों में अगर किसी भी व्यक्ति द्वारा छेड़खानी की घटना को अंजाम देता है तो वाहन चालक तुरंत निकटतम थाना में बस ले जाकर घटना की प्राथमिकी दर्ज कराना था, लेकिन प्राधिकार का कोई निर्देश आजतक लागू नहीं हुआ.
सूत्रों के अनुसार कुछ वाहन मालिकों ने सीट के ऊपर तो आरक्षित सीट लिखवा दिया था, लेकिन अन्य मालिकों ने उसे गंभीरता से नहीं लिया. जबकि उसमें प्रावधान है कि ऐसा नहीं करने पर वाहनों का परमिट रद्द कर दिया जायेगा. इसके अलावा सभी बसों में मार्ग का रूट हिन्दी के अतिरिक्त उर्दू में भी अंकित करना था. जिससे कि उर्दू के जानकार लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, लेकिन यह निर्देश फाइलों तक ही सिमटकर रह गया.
कहते हैं डीटीओ
डीटीओ अब्दुल रज्जाक ने बताया कि सभी बस संचालक को बस में नि:शक्त व्यक्तियों के लिए दो सीट लगाने का आदेश दिया गया है. कुछ बस संचालक द्वारा पालन भी किया जा रहा है. जांच के दौरान नियम का पालन किये जाने वाले संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी.
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