डीडीसी करेंगे मामले की जांच

Published at :22 Jul 2016 4:34 AM (IST)
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डीडीसी करेंगे मामले की जांच

बोले डीएम. जांच में धांधली सामने आई तो रद्द होगा तबादला शिक्षकों के स्थानांतरण में धांधली की गूंज डीएम दरबार तक पहुंचने के बाद हड़कंप मच गया है. इधर, डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्थानांतरण की फाइल तलब करते हुए पूरे मामले के जांच का आदेश डीडीसी को दिया है. शिक्षकों के स्थानांतरण में […]

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बोले डीएम. जांच में धांधली सामने आई तो रद्द होगा तबादला

शिक्षकों के स्थानांतरण में धांधली की गूंज डीएम दरबार तक पहुंचने के बाद हड़कंप मच गया है. इधर, डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्थानांतरण की फाइल तलब करते हुए पूरे मामले के जांच का आदेश डीडीसी को दिया है. शिक्षकों के स्थानांतरण में धांधली की अगर सही तरीके से जांच होती है तो शिक्षा विभाग के अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक की करतूत सामने आने की पूरी संभावना है.
खगड़िया : सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के स्थानांतरण में धांधली प्रकरण में डीएम ने जांच के आदेश दिये हैं. पूरे मामले में डीएम के कड़े रुख को देखते हुए कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गयी है. इधर, नियम-कायदे को ताक पर रख कर किये गये तबादले में प्राथमिक शिक्षा के निदेशक के निर्देश को भी ताक पर रख दिया गया. निदेशक के स्पष्ट निर्देश के बावजूद प्रावधान को दरकिनार कर 34, 540 कोटि के शिक्षकों का स्थानांतरण कर दिया गया.
जिस स्कूल में रिक्ति नहीं है वहां भी शिक्षकों को तबादला कर दिया गया है. शिक्षकों के स्थानांतरण में शिक्षक-छात्र अनुपात को भी ताक पर रख दिया गया. बताया जाता है कि स्थानांतरण में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाते हुए थ्री मैन कमेटी के एक सदस्य ने तबादले की फाइल पर स्थानांतरण करने से इंकार कर दिया. इधर, स्कूल के प्रधानाध्यापक हैरान-परेशान हैं.
चार कमरे के स्कूल में आठ शिक्षक : सदर प्रखंड में स्थित प्राथमिक विद्यालय विद्यार्थी टोला में पहले से नामांकित 78 विद्यार्थी को पढ़ाने के लिये छह शिक्षक तैनात हैं. इस तरह 13 बच्चों पर एक शिक्षक पहले से विद्यालय में कार्यरत हैं. लेकिन स्थानांतरण में रिक्ति नहीं रहने, शिक्षक-छात्र के अनुपात का भी ख्याल नहीं रखते हुए दो शिक्षकों का और तबादला कर दिया गया. जिसके बाद इस स्कूल में 10 बच्चे पर एक शिक्षक हो गये हैं. जिससे परेशान स्कूल के प्रधान शिक्षक नित्यानंद सिंह ने जिला शिक्षा
पदाधिकारी को पत्र भेज कर तबादला किये गये दोनों शिक्षकों को वापस लेने का अनुरोध किया है. बताया जाता है कि जिले कई विद्यालय ऐसे हैं जिसमें पढाने के लिये शिक्षकों का घोर अभाव है. लेकिन कम संसाधन सहित दूर-दराज में विद्यालय स्थित होने के कारण ऐसे विद्यालयों में कोई जाना नहीं चाहते हैं. शिक्षा विभाग के अधिकारी को तो इस समस्या से शायद कोई लेना देना नहीं है. तभी तो स्थानांतरण में ऐसे विद्यालयों की समस्या को दरकिनार कर वैसे स्कूल में शिक्षकों को भेज दिया गया जहां पहले से ही छात्रों के अनुपात में अधिक शिक्षक तैनात हैं.
इधर, जब रिक्ती नहीं थी तो फिर उस विद्यालय में शिक्षकों का तबादला कैसे कर दिया गया? शिक्षा विभाग के अधिकारी ने तबादले से पहले इसकी जांच क्यों नहीं की?
नियम कायदे को ताक पर रख कर शिक्षकों के स्थानांतरण पर हंगामे के बीच डीएम का रुख कड़ा
डीएम ने तलब की शिक्षकों के तबादले की फाइल
बिना रिक्ति के ही कई स्कूलों में शिक्षकों का कर दिया गया स्थानांतरण, बढ़ी परेशानी
34, 540 कोटि के शिक्षकों के स्थानांतरण में सरकार के निर्देश का नहीं रखा ख्याल
तबादले में धांधली को देखते हुए थ्री मैन कमेटी के सदस्य ने हस्ताक्षर करने से किया इंकार
स्थानांतरण में धांधली के आरोप सामने आने के बाद डीइओ से फाइल मंगवायी गयी है. पूरे मामले की जांच का निर्देश डीडीसी को दिया गया है. जांच रिपोर्ट में धांधली की पुष्टि होने पर स्थानांतरण को रद्द किया जायेगा. साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी.
डीएम, जय सिंह .
जून में तबादला करना मेरे अधिकार क्षेत्र में आता है. इसे कोई चुनौती नहीं दे सकता. जिसको जहां जाना है जायें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है. स्थानांतरण में कहीं कोई धांधली नहीं हुई है. सारे आरोप बेबुनियाद हैं.
डॉ ब्रज किशोर सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी.
विद्यालय में मात्र 78 बच्चे नामांकित हैं. अब पहले से 13 विद्यार्थी पर एक शिक्षक हैं तो दो और शिक्षकों का तबादला इस विद्यालय में कर दिये जाने से 10 बच्चे पर एक शिक्षक हो गये हैं. इससे होने वाली परेशानी को देखते हुए डीईओ को पत्र भेजा गया है.
नित्यानंद प्रसाद सिंह, प्रधान शिक्षक, प्राथमिक विद्यालय विद्यार्थी टोला.
34, 540 कोटि के शिक्षकों सहित कुल 83 शिक्षकों का स्थानांतरण विभिन्न विद्यालयों में किया गया है. स्थानांतरण में कहीं कोई गड़बड़ी नहीं की गयी है. धांधली के आरोप बेबुनियाद हैं.
सुरेश कुमार साहू, डीपीओ, स्थापना.
सरकारी नियम कायदे को ताक पर रख कर किये गये शिक्षकों के तबादले में बड़े पैमाने पर पैसों का खेल किया गया है. परदे के पीछे खेल के सहारे जिस विद्यालय में रिक्ति नहीं है वहां भी शिक्षकों को भेज दिया गया है. तबादले के लिये बनी थ्री मैन कमेटी के एक सदस्य पीओ विमलेश चौधरी ने धांधली को देखते हुए फाइल पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया है. अब डीएम के कड़े रुख से कार्रवाई की उम्मीद जगी है.
पंकज कुमार, सदर प्रखंड अध्यक्ष, नियोजित शिक्षक संघ.
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