डीएम ने सीएस से मांगा जवाब
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :26 Jun 2016 4:41 AM (IST)
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निर्देश. ब्लैक लिस्टेड होते ही आउटसोर्सिंग एजेंसी पर होगी कार्रवाई इस पूरे प्रकरण में खगड़िया के डीएम जय सिंह ने कहा कि संस्था को काली सूची में डालने के बाद उसे आउटसोर्सिंग एजेंसी के काम से हटाने के लिये कदम उठाया जायेगा. खगड़िया : ब्लैकलिस्टेड होने के कगार पर पहुंची संस्था को खगड़िया के सरकारी […]
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निर्देश. ब्लैक लिस्टेड होते ही आउटसोर्सिंग एजेंसी पर होगी कार्रवाई
इस पूरे प्रकरण में खगड़िया के डीएम जय सिंह ने कहा कि संस्था को काली सूची में डालने के बाद उसे आउटसोर्सिंग एजेंसी के काम से हटाने के लिये कदम उठाया जायेगा.
खगड़िया : ब्लैकलिस्टेड होने के कगार पर पहुंची संस्था को खगड़िया के सरकारी अस्पतालों में आउटसोर्सिंग एजेंसी बनाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. पूरे प्रकरण में खगड़िया के डीएम जय सिंह ने कहा कि संस्था को काली सूची में डालने के बाद उसे आउटसोर्सिंग एजेंसी के काम से हटाने के लिये कदम उठाया जायेगा. डीएम ने बताया कि पूरे मामले में कार्रवाई के लिये राज्य स्वास्थ्य समिति से मांगे गये मार्गदर्शन के बारे में सिविल सर्जन से जवाब तलब किया जा रहा है.
बता दें कि सदर अस्पताल आरा में आउटसोर्सिंग का काम करने के दौरान गलत विपत्र के आधार पर लाखों रुपये की हेराफेरी उजागर होने के बाद ज्ञान भारती शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान को डीएम ने काली सूची में डालने की अनुशंसा की है. जिस पर अभी मुहर लगना बाकी है. इधर, संस्था के काले कारनामें को दरकिनार कर खगड़िया के सरकारी अस्पतालों में इसी संस्था को आउटसोर्सिंग एजेंसी बनाने के मामले में स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है.
बताया जाता है कि तत्कालीन डीएम को धोखे में रख कर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने आउटसोर्सिंग एजेंसी के फाइल को फाइनल करवा कर घोटालेबाज संस्था को आउटसोर्सिंग एजेंसी का काम दे दिया. हालांकि संस्था के प्रतिनिधि ने आरा सदर अस्पताल में काम के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से इनकार करते हुए सारे आरोपों को बेबुनियाद बताया है, लेकिन जांच रिपोर्ट में कुछ बातें सामने आयी है.
सदर अस्पताल आरा में आउटसोर्सिंग के कामकाज की जांच के दौरान लाखों की हेराफेरी के खुलासे बाद डीएम ने ज्ञान भारती नामक संस्था को काम से हटा दिया था. इसके बाद नये सिरे से हुए टेंडर में भी घोटाले के आरोपी इस संस्था को काम नहीं दिया गया. ऐसे में इसी संस्था को खगड़िया के सरकारी अस्पतालों में आउटसोर्सिंग एजेंसी बनाने से कई सवाल खड़े हो गये हैं. आखिर एक जिले में काम से हटाये गये संस्था को दूसरे जिले में बिना जांच किये ही कैसे काम दे दिया गया? आउटसोर्सिंग के काम में ही लाखों के घोटाला के आरोपी इस संस्था पर खगड़िया के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी की मेहरबानी के पीछे क्या राज है?
आरा डीएम के पत्र के आलोक में संस्था को ब्लैकलिस्टेड करने में क्यों देरी की जा रही है? मार्गदर्शन के नाम पर कार्रवाई को कब तक लटकाया जाता रहेगा? ऐसे कई सवाल हैं जो स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा करने के लिये काफी है.
आरा डीएम के पत्र के आलोक में ज्ञान भारती शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान नामक संस्था को ब्लैकलिस्टेड करने की कार्रवाई पूरी होने का इंतजार है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा ब्लैकलिस्टेड किये जाने के बाद संस्था को खगड़िया के सरकारी अस्पतालों में आउटसोर्सिंग एजेंसी के काम से हटाने की कार्रवाई की जायेगी. जय सिंह, डीएम, खगड़िया.
सदर अस्पताल आरा में आउटसोर्सिंग के काम करने के दौरान गलत विपत्र के आधार पर लाखों रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद ज्ञान भारती शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान को ब्लैकलिस्टेड करने के लिये स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा गया है. इस दिशा में अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? इस बाबत सिविल सर्जन से जवाब तलब किया जायेगा. वीरेंद्र प्रसाद यादव, डीएम, आरा.
आरा के डीएम ने ज्ञान भारती शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान नामक संस्था को ब्लैकलिस्टेड करने के लिये भेजा है पत्र
इस पूरे प्रकरण में खगड़िया के डीएम जय सिंह ने कहा कि संस्था को काली सूची में डालने के बाद उसे आउटसोर्सिंग एजेंसी के काम से हटाने के लिये कदम उठाया जायेगा.
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