बिना छात्र के ही चल रहा था प्राथमिक विद्यालय बलुआही

Published at :19 Mar 2016 1:08 AM (IST)
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बिना छात्र के ही चल रहा था प्राथमिक विद्यालय बलुआही

निरीक्षण. जांच के दौरान स्कूल की कुव्यवस्था हुई उजागर प्रभात खबर द्वारा पहले से सरकारी विद्यालयों में व्याप्त कुव्यवस्था और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से जुड़ी प्रकाशित खबर शुक्रवार को उस वक्त सच साबित हुई जब शहर के बीचो-बीच बलुआही में स्थित प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण करने सदर एसडीओ व एसडीपीओ पहुंचे. जहां […]

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निरीक्षण. जांच के दौरान स्कूल की कुव्यवस्था हुई उजागर
प्रभात खबर द्वारा पहले से सरकारी विद्यालयों में व्याप्त कुव्यवस्था और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से जुड़ी प्रकाशित खबर शुक्रवार को उस वक्त सच साबित हुई जब शहर के बीचो-बीच बलुआही में स्थित प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण करने सदर एसडीओ व एसडीपीओ पहुंचे. जहां बिना बच्चे के ही विद्यालय चल रहा था. एमडीएम भी बंद था. कुल मिला कर विद्यालय की पठन-पाठन से लेकर सरकारी योजनाओं की स्थिति बदतर पायी गयी. अब जांच रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिकी सहित अन्य कार्रवाई के एलान से लापरवाह शिक्षकों व शिक्षा विभाग के अधिकारियों के होश उड़े हुए हैं.
खगड़िया : सदर एसडीओ शिव कुमार शैव व एसडीपीओ रामानंद सागर उस वक्त भौचक्क रह गये जब बिना विद्यार्थी के ही विद्यालय का संचालन करते हुए पाया. सरकारी स्कूलों की व्यवस्था का खौफनाक सच से जुड़ा यह मामला प्राथमिक विद्यालय बलुआही का है. शुक्रवार को विद्यालय का निरीक्षण के दौरान विद्यालय में तैनात आठ शिक्षकों में से छह गायब पाये गये.
साथ ही विद्यालय में नामांकित 60 बच्चे में से एक भी मौजूद नहीं थे. इतना ही नहीं वर्षों से विद्यालय की उपरी मंजिल पर एक राजद नेता द्वारा कब्जा किये जाने का खुलासा हुआ.
एसडीओ श्री शैव ने तुरंत अनाधिकृत कब्जे को खाली करवाया. वहीं समीप के बने एक और सरकारी भवन में रखे सारे सामान को जब्त कर पुलिस के हवाले करते हुए उसे भी कब्जा मुक्त कराया. दोनों अधिकारियों ने मौजूद प्रधान शिक्षक को जम कर डांट पिलाते हुए पूरी रिपोर्ट डीएम को सौंप कर प्राथिमिकी सहित दूसरी कार्रवाई के संकेत दिये हैं. निरीक्षण के दौरान एसडीओ व एसडीपीओ के अलावा सदर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विजय पासवान व सदर थानाध्यक्ष महफूज आलम सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल शामिल रहे.
प्रतिनियोजन के खेल का हुआ खुलासा
जिले में कई ऐसे विद्यालय हैं जहां छात्र-शिक्षक अनुपात की बदहाल स्थिति है. लेकिन शहर के बीचों-बीच स्थित प्राथमिक विद्यालय बलुआही में नामांकित 60 छात्रों एवज में प्रधान शिक्षक सहित आठ शिक्षक की तैनाती जरूर कर दी गयी. जिसमें से पांच महिला शिक्षकों को प्रतिनियोजन इस विद्यालय में किया गया है.
सूत्रों की मानें तो नजराना के बल पर पिछले दरवाजे से प्रतिनियोजन करवा कर घर बैठे हाजिरी बनाने व मजे से वेतन उठाने का खेल किया जा रहा था. नींद में डूबे शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विद्यालय के निरीक्षण की फुरसत नहीं है.
ऐसे में विद्यालय की बदहाली के लिये शिक्षकों के अलावा शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली की भी पोल खुल गयी. एसडीओ ने भी माना कि महिला शिक्षिकाओं को लाभ पहुंचाने के नीयत से किये गये प्रतिनियोजन बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की बू आ रही है.
कहते हैं एसडीओ
एसडीओ िशव कुमार शैव ने कहा कि प्राथमिक विद्यालय बलुआही के निरीक्षण के दौरान एक भी बच्चे मौजूद नहीं मिले. विद्यालय में तैनात आठ शिक्षकों में से मात्र दो शिक्षक मौजूद पाये गये. सरकारी मापदंड को ताक पर प्रतिनियोजित किये जाने का भी खुलासा हुआ है. एमडीएम एक साल से बंद था.
शिक्षकों की मिलीभगत से एक राजद नेता द्वारा अनाधिकृत रुप से विद्यालय भवन पर कब्जा को मुक्त कराया गया. पूरी रिपोर्ट डीएम को सौंप कर लापरवाह शिक्षकों सहित अवैध कब्जाधारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के अलावा शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कारगुजारी की पूरी रिपोर्ट डीएम के माध्यम से सरकार को भेज कर कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की जायेगी.
एसडीओ श्री शैव ने बताया कि बिना बच्चे के चल रहे इस विद्यालय में एक साल से एमडीएम बंद होने का पता चला. सूत्रों की मानें तो धरातल पर भले ही एमडीएम बंद हो लेकिन सरकारी फाइलों में एमडीएम भी चल रहा था और महीने में लाखों रुपये का भुगतान भी किया जा रहा था. बताया जाता है कि नजराना की बदौलत एमडीएम के इस फर्जीवाड़े में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत की पूरी आशंका है.
आठ में से छह शिक्षक थे अनुपस्थित
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में पदस्थापित प्रधान शिक्षक शशि भूषण कुमार व एक प्रतिनियोजित शिक्षिका स्मिता भारती मौजूद थीं. जबकि विद्यालय में तैनात छह शिक्षक विद्यालय से गायब पाये गये. एसडीओ ने विद्यालय की बदहाल स्थिति के लिये प्रधान शिक्षक को जमकर डांट पिलाते हुए मौके पर मौजूद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को भी फटकार लगायी.
विद्यालय अवधि में नामांकित एक भी मौजूद नहीं थे. दो शिक्षिका की ड्यूटी मैट्रिक परीक्षा में लगायी गयी है. बाकी दो शिक्षिका छुट्टी पर थीं. विद्यालय भवन को कब्जा किये लोगों को कई बार खाली करने के लिये कहा गया था लेकिन विद्यालय भवन को खाली नहीं किया जा रहा था.शशि भूषण कुमार, प्राचार्य, प्राथमिक विद्यालय बलुआही.
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