प्रशासन को सूचना होती, तो नहीं घटती ऐसी घटना

Published at :08 Mar 2016 7:01 AM (IST)
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प्रशासन को सूचना होती, तो नहीं घटती ऐसी घटना

गोगरी : थाना क्षेत्र के गोगरी गांव में डूब कर हुए दो युवक की मौत से गांव में मातमी संन्नाटा पसरा हुआ है. वहीं कलश यात्रा के लिए शोभा यात्रा और जूलूस के लिए स्थानीय थाने और अनुमंडल कार्यालय में पूर्व से कोई सूचना नहीं दिया गया था. यदि पूर्व में कोई सूचना होती तो […]

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गोगरी : थाना क्षेत्र के गोगरी गांव में डूब कर हुए दो युवक की मौत से गांव में मातमी संन्नाटा पसरा हुआ है. वहीं कलश यात्रा के लिए शोभा यात्रा और जूलूस के लिए स्थानीय थाने और अनुमंडल कार्यालय में पूर्व से कोई सूचना नहीं दिया गया था. यदि पूर्व में कोई सूचना होती तो स्थानीय प्रशासन इसकी तैयारी पूर्व से ही कर सकती थी. तो शायद आज इस प्रकार की घटना नहीं होती.
दो परिवारों की लूटी खुशियां: मृतक कुंदन इंटर विज्ञान की परीक्षा इसी वर्ष 4 तारीख को देकर आया था और आगे की शिक्षा की योजना कर रहा था. लेकिन भगवान को कुछ और मंजूर था. परिवार के सारे सपने चूर चूर हो गये. माता ललिता के दहाड़ और दादी मनोरमा के चीत्कार से आस पास के सभी परिजनों और ग्रामीणों के मुंह से एक ही बात निकलती थी. हे भगवान तोय अच्छा नैय करलो.
पूर्व में भी हो चुके हैं हादसे : माघी पूर्णिमा, शिवरात्रि, दुगार्पूजा आदि के अवसर पर दूरदराज से अगुवानी गंगा घाट, गोगरी गंडक घाट पर आने वाली श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित भीड़ को नियंत्रित व विधि व्यवस्था संधारण को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी ने गोगरी एवं परबत्ता के सभी पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश तो दे दिया. बताते चलें कि अगुवानी घाट, गोगरी घाट पर स्थायी रूप से गोताखोरों की व्यवस्था नहीं किया जाता है. जिससे कई अप्रत्याशित घटना घट चुकी है.
वर्ष 2007 में अगुवानी घाट में छठ में अर्घ्य देने के दौरान दो सगी बहनें बह गयी थी. 2008 में दुधैला में नौका डूबने से करीब 2 दर्जन लोग डूब गया. 28 जनवरी 2013 को गोगरी के शिरनियां निवासी विपिन झा का छोटा पुत्र छोटू कुमार के नहाने के क्रम में डूब जाने से मौत हो गयी थी. जिसमें काफी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों के माध्यम से 2 दिन बाद छोटू के शव को निकाला गया था.
उस वक्त भी गोताखोर नहीं था. किसी भी पर्व के अवसर पर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी गंगा तट पर कोई भी गोताखोर नहीं रहे. स्थानीय लोग ही शव को ढूंढते हैं. इसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. एसडीओ ने कहा कि पूर्व में यदि किसी प्रकार की सूचना दिया जाता है तो गोगरी घाट, गंगा नदी में दो नाव में गोताखोर की प्रतिनियुक्ति की जाएगी. जो सतत गंगा स्नान श्रद्धालुओं की निगरानी करेंगे. जहां मेला में अग्निशमन दस्ता पूरी तरह मेला तक मुस्तैद रहेगा.
बाप रे बाप अब कैसे रहवे, हमर बेटा हमरा छोड़ कर चल गेले. उक्त मार्मिक चीत्कार कह कर मां ललिता देवी और पिता पप्पू शर्मा बेहोश हो रहे है और उनको संभालने वाले कि स्थिति भी इससे इतर नहीं. सभी की आंखे नम हैं. पूरे गांव में मातमी माहौल है क्योंकि काल ने एक साथ एक ही गांव के दो घरों में अपना कहर बरपाया. दोनों घरों के परिजन शोकाकुल हैं.
चारो तरफ सिर्फ रोने की आवाज गूंज रही है. यह मार्मिक दृश्य था. गोगरी प्रखड के मुश्कीपुर पंचायत के बड़ी मालिया गांव का. जहां गोगरी में कलश यात्रा के दौरान गोगरी घाट में स्नान के क्रम में दो ग्रामीण युवकों की डूबकर मौत हो गई. मृतक सगी बहनें, माता, भाई, चाचा, दादा , दादी सहित सभी परिजनों का रो रोकर हाल बुरा था.
तो पिता पप्पू शर्मा एवं दादा बासदेव शर्मा ने चुप्पी साध रखी थी. बस वह इतना बोल पाते हैं कि मेरी किस्मत फूट गयी. दोनों बच्चा बहुत ही सुशील व सुसंस्कारी था. हमने उसे बहुत नाजो से पाला था. अब उसके बिना कैसे जीवन बीतेगा. वहीं गांव के कुशो प्रसाद चौरसिया के घर की स्थिति भी कुछ इसी तरह की है. बेटी शिखा भी इस हादसे में अपनी जान गवां चुकी है. पिता की हालत नाजुक बनी है. मृतक कुंदन की छोटी बहन निशु भी बेसुध पड़ी है. होश में आते ही वह कुंदन कुंदन चिल्ला उठती है. इसे मौत का गहरा सदमा लगा है.
दोनों भाई बहनों में बहुत प्यार था. चूंकि पप्पू को 3 बेटों पर सिर्फ एक बेटियां ही थी इसलिए निशु सभी की आंखों का तारा थी. बार बार उसके मुंह से बस इतना निकलता है कि काश नदी में नहाने से मना कर देते तो यह दिन नहीं देखना पड़ता. गांव के दो घरों में मौत से गावों की गलियां सुनी पड़ गई. वहीं पार्वती मंदिरों में भी कलश सुनसान पड़ा हुआ है और पार्वती जी को पूजने की सामानों को भी देखने वाला कोई नहीं है पर्व की खुशी गम में बदल गयी. बताते चले कि गांव के पप्पू शर्मा का 20 वर्षीय पुत्र कुंदन कुमार शर्मा तथा कुशो प्रसाद चौरसिया का 21 वर्षीय ज्ञानदेव कुमार सोमवार को शिवरात्रि के पूर्व को लेकर सुबह सुबह स्नान करने गोगरी गंडक घाट गया था. जहां डूबकर दोनों की मौत हो गई.
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